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देश के हित बेचने का इतिहास कांग्रेस का! : कच्चातीवू से केरल शराब नीति तक भाजपा का तीखा हमला, करार दिया इतिहास का काला अध्याय

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Jun 27, 2026
09:44 AM
कच्चातीवू से केरल शराब नीति तक भाजपा का तीखा हमला, करार दिया इतिहास का काला अध्याय

नई दिल्ली। कच्चातीवू द्वीप को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने एक बार फिर कांग्रेस पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। बीजेपी ने 1974 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार द्वारा श्रीलंका की संप्रभुता को मान्यता दिए जाने के फैसले को राष्ट्रीय हितों के खिलाफ बताते हुए इसे पार्टी के इतिहास का एक काला अध्याय करार दिया। साथ ही केरल में शराब नीति को लेकर भी कांग्रेस पर निशाना साधते हुए युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया।

बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि 26 जून 1974 का दिन कांग्रेस के राजनीतिक इतिहास में एक ऐसे फैसले के रूप में दर्ज है, जिसने देश के हितों को नुकसान पहुंचाया। उनके अनुसार, कच्चातीवू द्वीप श्रीलंका को सौंपे जाने का असर आज भी तमिलनाडु के मछुआरे झेल रहे हैं।

तमिलनाडु के मछुआरों को आज भी उठानी पड़ रही कीमत

सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि कच्चातीवू द्वीप पर स्थित सेंट एंथनी चर्च भारतीय श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन अब भारतीय नाविकों और मछुआरों को वहां जाने में कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उनका आरोप था कि इस फैसले के कारण समुद्र में मछली पकड़ने वाले भारतीय मछुआरों की मुश्किलें लगातार बढ़ी हैं।

उन्होंने दावा किया कि भारत का राष्ट्रीय ध्वज लगी नौकाओं को भी वहां स्वतंत्र रूप से जाने की अनुमति नहीं मिलती, जिससे स्थानीय मछुआरों के हित प्रभावित हुए हैं।

कांग्रेस ने बार-बार राष्ट्रीय हितों से किया समझौता

बीजेपी प्रवक्ता ने कांग्रेस पर ऐतिहासिक फैसलों को लेकर भी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का इतिहास राष्ट्रीय हितों से समझौता करने का रहा है। उन्होंने देश के विभाजन, पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके), अक्साई चिन और कच्चातीवू जैसे मुद्दों का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस ने समय-समय पर ऐसे फैसले लिए, जिनसे भारत की रणनीतिक स्थिति कमजोर हुई।

हालांकि, इन ऐतिहासिक दावों पर अलग-अलग राजनीतिक दलों और इतिहासकारों की अलग-अलग व्याख्याएं और मत मौजूद हैं।

केरल की शराब नीति पर भी साधा निशाना

बीजेपी ने केरल में कांग्रेस नेतृत्व वाले यूडीएफ के उस फैसले पर भी सवाल उठाए, जिसमें कम अल्कोहल वाली शराब पर एक्साइज ड्यूटी में बड़ी कटौती की गई है। पार्टी का आरोप है कि इस कदम से शराब की खपत बढ़ेगी, युवाओं पर इसका नकारात्मक असर पड़ेगा और राज्य के राजस्व को भी नुकसान होगा।

सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि जब राज्य के जिम्मेदार मंत्री खुद नशे और ड्रग्स की बढ़ती समस्या पर चिंता जता रहे हैं, तब शराब को सस्ता करने जैसे फैसले गंभीर सवाल खड़े करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह नीति जनहित के बजाय शराब कारोबार से जुड़े हितों को फायदा पहुंचाने वाली साबित हो सकती है।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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