बुधवार, 23 सितंबर 202603:38:47 PM
Download App
Home/देश

बीएसपी की कमान अब ईशन आनंद के हाथ : यूपी चुनाव से पहले मायावती का बड़ा दाव, मैदान में अकेले उरतने के रुख को भी दोहराया

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Sep 23, 2026
10:26 AM
यूपी चुनाव से पहले मायावती का बड़ा दाव, मैदान में अकेले उरतने के रुख को भी दोहराया

लखनऊ। उत्तरप्रदेश में अगले साल यानि 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर बसपा सुप्रीमो मायातवी ने कसर कस ली है। संगठन को मजबूती देने के लिए वे लगातार एक के बाद एक बड़े फैसले ले रही हैं। इसी क्रम में मायावती ने सबसे बड़ा फैसला लेते हुए अपने छोटे भतीजे ईशान आनंद को पार्टी का राष्ट्रीय संयोजक बना दिया है। बसपा सुप्रीमों ने यह बड़ा लखनऊ में बुधवार को हुई पार्टी की राष्ट्रीय बैठक में लिया। इस दौरान उन्होंने चुनावी तैयारियों को गति देने के भी निर्देश दिए।

यह फैसला ऐसे समय हुआ है जब उनके बड़े भाई आकाश आनंद को हाल ही में पार्टी की जिम्मेदारियों से अलग किया गया है। इससे पहले ईशान को भी संगठन में जिम्मेदारी से हटाया गया था, लेकिन बाद में मायावती ने उन्हें फिर अहम भूमिका देने का फैसला किया।

अकेले चुनाव लड़ने की तैयारी

बैठक में मायावती ने आगामी विधानसभा चुनावों में बसपा के अपने दम पर मैदान में उतरने के रुख को दोहराया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से उत्तर प्रदेश के साथ-साथ उत्तराखंड और पंजाब में संगठन को मजबूत करने और चुनावी तैयारियों को तेज करने को कहा। उन्होंने कहा कि चुनाव सीधे मुकाबले में हों या बहुकोणीय, पार्टी का फोकस उत्तर प्रदेश में सरकार बनाने के लक्ष्य पर होना चाहिए। इसके लिए मजबूत उम्मीदवारों के चयन से लेकर बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करने पर जोर दिया गया।

ईशान आनंद को मिली अहम जिम्मेदारी

बैठक में ईशान आनंद को राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी दी गई। ईशान ने इसके लिए मायावती का आभार जताते हुए पार्टी और बहुजन आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए पूरी निष्ठा से काम करने की बात कही। ईशान ने कानूनी शिक्षा हासिल की है और हाल के दिनों में संगठन से जुड़े घटनाक्रम में उनका नाम लगातार सामने आया है। भ्भ्पदकनेजंद ज्पउमे़1

परिवारवाद पर मायावती का अपना तर्क

मायावती ने बैठक में परिवारवाद के मुद्दे पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि बसपा हमेशा से परिवारवाद से अलग रही है। उन्होंने पार्टी संस्थापक कांशीराम के उस विचार का उल्लेख किया कि पूरा बहुजन समाज ही उनका परिवार था। मायावती के मुताबिक रिश्तेदार पार्टी में काम करना चाहें तो कर सकते हैं, लेकिन संगठन में जिम्मेदारी व्यक्तिगत या पारिवारिक हित के आधार पर नहीं होनी चाहिए।

भाजपा पर भी साधा निशाना

बैठक के दौरान मायावती ने भाजपा सरकार की नीतियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने गरीबी, बेरोजगारी, पलायन, पिछड़ेपन और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दे उठाते हुए कहा कि इन समस्याओं से आम जनता प्रभावित है। उन्होंने आर्थिक विकास और जीडीपी वृद्धि का मुद्दा उठाते हुए कहा कि विकास का लाभ समाज के गरीब और वंचित तबकों तक पहुंचना जरूरी है। मायावती ने सामाजिक और संस्थागत भेदभाव से जुड़े मुद्दों को भी बैठक में उठाया।

प्रफुल्ल तिवारी
Written By

प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

आपको यह खबर कैसी लगी? शेयर करें

अपने दोस्तों और परिवार के साथ साझा करें