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ब्रिक्स सम्मेलन से जुड़ी बड़ी खबर : सात साल बाद भारत की धरती पर कदम रखेंगे चीनी राष्ट्रपति, मोदी-शी की मुलाकात पर टिकीं दुनिया की नजरें

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Sep 10, 2026
06:41 AM
सात साल बाद भारत की धरती पर कदम रखेंगे चीनी राष्ट्रपति, मोदी-शी की मुलाकात पर टिकीं दुनिया की नजरें

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में 12-13 सितंबर को आयोजित होने वाले 8वें ब्रिक्स सम्मेलन से जुड़ा बड़ा अपडेट सामने आया है। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए भारत पहुंच रहे हैं। गलवान घाटी में भारत और चीनी सैनिकों के बीच हुई खूनी झड़प के बाद शी जिनपिंग भारत दौरे पर आएंगे। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से उनकी पक्षीय बैठक भी हो सकती है। दोनों नेताओं की मुलाकात को भारत और चीन के संबंधों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, शी जिनपिंग नई दिल्ली में आयोजित होने जा रहे 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने शनिवार को भारत आ सकते हैं। इस दौरे पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं। शी जिनपिंग का भारत दौरा इसलिए भी खास है क्योंकि करीब सात वर्ष बाद वह भारतीय धरती पर कदम रखेंगे। वर्ष 2019 में तमिलनाडु के मामल्लापुरम में प्रधानमंत्री मोदी और शी जिनपिंग की अनौपचारिक मुलाकात हुई थी। इसके बाद सीमा पर तनाव और गलवान की घटना ने दोनों देशों के रिश्तों को प्रभावित किया।

दावा किया जा रहा है कि पीएम मोदी और शी जिनपिंग की बैठक में सीमा से जुड़े विषयों के साथ व्यापार और आपसी संबंधों को बेहतर बनाने पर भी चर्चा हो सकती है।

भारत मंडपम बनेगा बड़ी कूटनीतिक बैठक का केंद्र

नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में 12 और 13 सितंबर को ब्रिक्स का शिखर सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। भारत इस वर्ष संगठन की अध्यक्षता कर रहा है। सम्मेलन में सदस्य देशों के प्रमुख वैश्विक राजनीति, आर्थिक सहयोग, ऊर्जा सुरक्षा, तकनीकी सहयोग और अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श करेंगे। छछमूे वद ।पत़1

2019 में आखिरी बार भारत आए थे चीनी राष्ट्रपति

शी जिनपिंग अक्टूबर 2019 में भारत आए थे। उस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी मुलाकात तमिलनाडु के मामल्लापुरम में हुई थी। यह मुलाकात वर्ष 2018 में चीन के वुहान में हुई दोनों नेताओं की पहली अनौपचारिक बैठक के बाद दूसरी ऐसी बैठक थी।

इसके बाद वर्ष 2020 में गलवान में हुई हिंसक झड़प के चलते दोनों देशों के रिश्तों में तनाव बढ़ गया था। हाल के वर्षों में दोनों देशों ने संवाद के जरिए संबंधों को सामान्य बनाने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। ऐसे में जिनपिंग का भारत दौरा और मोदी के साथ प्रस्तावित बातचीत रिश्तों में नई दिशा तय करने वाली साबित हो सकती है।

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एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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