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टेलीकॉम विनिर्माण का नया केंद्र बनेगा MP : CM मोहन यादव ने बेंगलुरु में निवेशकों को दिया भरोसा, ग्वालियर में टेक्नोलॉजी क्रांति की तैयारी!

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Sep 22, 2026
05:44 PM
CM मोहन यादव ने बेंगलुरु में  निवेशकों को दिया भरोसा, ग्वालियर में टेक्नोलॉजी क्रांति की तैयारी!

भोपाल। मध्यप्रदेश को आधुनिक तकनीक और औद्योगिक निवेश का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में मोहन सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। ग्वालियर में विकसित किए जा रहे देश के पहले टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन में निवेश आकर्षित करने के लिए बेंगलुरु में राउंड टेबल बैठक आयोजित की गई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निवेशकों से संवाद करते हुए प्रदेश की भौगोलिक स्थिति, बिजली उपलब्धता, बुनियादी ढांचे और उद्योग अनुकूल नीतियों को राज्य की प्रमुख ताकत बताया। उन्होंने कहा कि पिछले पौने तीन वर्षों में विभिन्न क्षेत्रों में 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश मध्यप्रदेश में आ चुका है।

एक ही परिसर में पूरी टेलीकॉम उत्पादन श्रृंखला

मुख्यमंत्री ने बताया कि ग्वालियर का टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयास का परिणाम है। यहां उत्पादों के डिजाइन, विकास, निर्माण, परीक्षण, प्रमाणन और निर्यात तक की पूरी उत्पादन श्रृंखला विकसित की जाएगी। प्रस्तावित क्षेत्र में 5जी-6जी उपकरण, ऑप्टिकल फाइबर, सैटेलाइट संचार उपकरण, इंटरनेट ऑफ थिंग्स और अन्य दूरसंचार उत्पादों के निर्माण की योजना है।

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि यह परियोजना देश को सेवा आधारित अर्थव्यवस्था से उत्पाद और डिजाइन आधारित अर्थव्यवस्था की ओर ले जाने के प्रयासों का हिस्सा है। उनके अनुसार, जोन में टेलीकॉम क्षेत्र के सात प्रमुख हिस्सों को एकीकृत पारिस्थितिकी तंत्र के रूप में विकसित किया जाएगा।

8 हजार करोड़ के प्रोत्साहन पैकेज का दावा

बैठक में केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने बताया कि 12 हजार करोड़ रुपये के पूंजीगत निवेश पर करीब 8 हजार करोड़ रुपये का वित्तीय प्रोत्साहन पैकेज तैयार किया गया है। इसमें बिजली, पंजीकरण शुल्क और कौशल प्रशिक्षण से जुड़ी सुविधाएं भी शामिल हैं। केंद्र और राज्य के 51:49 संयुक्त विशेष प्रयोजन निकाय के माध्यम से निवेशकों की समस्याओं का 48 घंटे में समाधान सुनिश्चित करने की बात कही गई।

अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई ने बताया कि 170 एकड़ के विकसित पार्क में निवेशकों को नाममात्र टोकन प्रीमियम पर भूमि, 30 वर्षों के लिए एक रुपये प्रति वर्ग मीटर लीज रेंट और शत-प्रतिशत स्टाम्प शुल्क छूट का प्रावधान है। इसके अलावा, संयंत्र और मशीनरी पर 50 प्रतिशत प्रत्यक्ष पूंजीगत अनुदान, पांच वर्षों तक बिजली पर दो रुपये प्रति यूनिट सब्सिडी और कर्मचारियों के लिए आर्थिक सहायता का प्रावधान किया गया है।

24 कंपनियों ने शुरू की आवेदन प्रक्रिया

जुलाई 2026 में परियोजना के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर के बाद दिल्ली और मुंबई में निवेशक सम्मेलन आयोजित किए गए। इन सम्मेलनों से लगभग 5,500 करोड़ रुपये के निवेश और 18 हजार रोजगार अवसरों से जुड़े प्रस्ताव सामने आने की जानकारी दी गई। अब 24 कंपनियों ने ग्वालियर जोन में इकाइयां स्थापित करने के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू की है।

ग्वालियर की कनेक्टिविटी और तकनीकी क्षमता पर जोर

सिंधिया ने ग्वालियर की दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु से हवाई कनेक्टिविटी, प्रस्तावित एक्सप्रेस-वे, नए एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन जैसी परियोजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में उपलब्ध तकनीकी मानव संसाधन विनिर्माण गतिविधियों के विस्तार में मददगार होंगे। बैठक में उद्योगपतियों ने मध्यप्रदेश की निवेश नीतियों, पारदर्शी व्यवस्था और साझा परीक्षण प्रयोगशालाओं की सराहना की। कई कंपनियों ने आगामी वैश्विक निवेशक सम्मेलन में भागीदारी और ग्वालियर में इकाइयां स्थापित करने में रुचि दिखाई।

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