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मप्र में मत्स्य क्रांति की तैयारी : फिशरीज इन्वेस्टर्स कॉन्क्लेव में सीएम मोहन ने किए बड़े ऐलान, 40 हजार करोड़ के निवेश का खुलेगा रास्ता

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Oct 23, 2026
06:59 AM
फिशरीज इन्वेस्टर्स कॉन्क्लेव में सीएम मोहन ने किए बड़े ऐलान, 40 हजार करोड़ के निवेश का खुलेगा रास्ता

भोपाल। मध्य प्रदेश में मत्स्य पालन को बड़े उद्योग और निर्यात के प्रमुख क्षेत्र के रूप में विकसित करने की तैयारी तेज हो गई है। इसी में क्रम में राजधानी भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे हॉल में फिशरीज इन्वेस्टर्स एंड एक्सपोर्टर्स कॉन्क्लेव आयोजित की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री डाॅ. मोहन यादव और केन्द्रीय मत्स्य पालन मंत्री राजीव रंजन सिंह ने किया। इस दौरान केन्द्रीय राज्य मंत्री एसपी सिंह बघेल सहित मप्र सरकार के मंत्री और अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। कॉन्क्लेव में करीब 40 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों और 3.5 लाख रोजगार के अवसरों की संभावना सामने रखी गई।

सीएम के तीन बड़े ऐलान

कान्क्लेव के शुभारंभ सत्र को संबोधित करते हुए सीएम डाॅ. ने प्रदेश में मत्स्य पालन को उद्योग से जोड़ने के लिए तीन महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि मत्स्य पालन को फूड प्रोसेसिंग उद्योग से जोड़ा जाएगा। एकीकृत उद्योगों को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र से जोड़कर प्रोत्साहन दिया जाएगा। इसके अलावा मत्स्य पालन से जुड़े कारोबार को उद्योग विभाग की सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम किया जाएगा। इन पहलों का उद्देश्य मछली उत्पादन से लेकर प्रसंस्करण, पैकेजिंग, विपणन और निर्यात तक की पूरी व्यवस्था को मजबूत करना है, ताकि स्थानीय उत्पादकों को बेहतर बाजार मिल सके।

‘मध्य प्रदेश नदियों का मायका’

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में विकास का स्वर्णिम दौर चल रहा है। उन्होंने मध्य प्रदेश को नदियों और जल संसाधनों से समृद्ध बताते हुए कहा कि प्रदेश में मत्स्य पालन की अपार संभावनाएं हैं। डॉ. यादव ने सिंचाई क्षमता के विस्तार और नदी जोड़ो अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि जल संसाधनों का बेहतर उपयोग किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए लाभकारी साबित हो सकता है। उन्होंने मगरमच्छ संरक्षण के प्रयासों का भी जिक्र किया।

कुवैत की कंपनी से समझौते की तैयारी

कॉन्क्लेव में निवेश आकर्षित करने के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। कुवैत की एक कंपनी के साथ समझौता किए जाने की जानकारी दी गई। इसके अलावा विशेष बायर-सेलर मीट में केज इन्वेस्टर्स, निर्यातकों और मोती कारोबारियों को स्थानीय उत्पादकों से सीधे संवाद का अवसर मिलेगा।

केंद्रीय मंत्री बोले- वैश्विक चुनौतियों के बीच बढ़ा निर्यात

केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ने मध्य प्रदेश की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की योजनाओं के माध्यम से भारत मछली उत्पादन के मामले में दुनिया में दूसरे स्थान पर पहुंचा है। उन्होंने अमेरिका की ओर से लगाए गए टैरिफ का उल्लेख करते हुए कहा कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत के मत्स्य निर्यात में गिरावट आने के बजाय वृद्धि दर्ज की गई है। उनके अनुसार, सरकारी योजनाओं और निरंतर प्रयासों से इस क्षेत्र को आगे बढ़ाने में मदद मिली है।

किसानों और युवाओं के लिए खुलेंगे नए अवसर

प्रदेश सरकार की योजना मत्स्य पालन को पारंपरिक गतिविधि से आगे बढ़ाकर निवेश, रोजगार और निर्यात से जोड़ने की है। यदि प्रस्तावित निवेश धरातल पर उतरते हैं, तो मछली उत्पादकों, प्रसंस्करण इकाइयों, परिवहन कारोबार और युवाओं के लिए नए अवसर पैदा हो सकते हैं। अब इन घोषणाओं का वास्तविक लाभ निवेश प्रस्तावों के क्रियान्वयन और स्थानीय उत्पादकों तक सुविधाएं पहुंचने पर निर्भर करेगा।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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