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टीकमगढ़ में उद्योग-पर्यटन को बढ़ावा, : सीएम यादव खोली संभावनाओं की राह, कुंडेश्वर धाम का महाकाल लोक की तर्ज पर होगा विकास

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Aug 21, 2026
03:36 PM
सीएम यादव खोली संभावनाओं की राह, कुंडेश्वर धाम का महाकाल लोक की तर्ज पर होगा विकास

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि टीकमगढ़ जिले में औद्योगिक और पर्यटन विकास की अपार संभावनाएं हैं। सरकार स्थानीय संसाधनों और उद्यमियों की क्षमता को अवसर में बदलने के लिए हरसंभव सहयोग दे रही है। स्थानीय उद्योगों और व्यापार को प्रोत्साहित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने यह बात टीकमगढ़ में मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के अंतर्गत उद्यमियों से संवाद के दौरान कही।

उद्योगों के लिए सुविधाएं बढ़ाने पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं के साथ निर्बाध बिजली, बेहतर अधोसंरचना और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर सरकार का विशेष ध्यान है। टीकमगढ़, जतारा और झांसी के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होने से जिले को दूसरे राज्यों के बाजारों से भी जुड़ने का लाभ मिलेगा। उन्होंने स्थानीय उद्यमियों से औद्योगिक पार्क विकसित करने, होटल और होमस्टे शुरू करने का आह्वान किया। सरकार इन गतिविधियों के लिए विभिन्न योजनाओं के तहत सब्सिडी भी उपलब्ध करा रही है।

डॉ. यादव ने कहा कि बुंदेलखंड में धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन की बड़ी संभावनाएं हैं। टीकमगढ़ के कुंडेश्वर धाम को महाकाल लोक की तर्ज पर विकसित करने की दिशा में काम किया जाएगा। इसके लिए पर्यटन विभाग की टीम जल्द क्षेत्र का दौरा करेगी। मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों से कुंडेश्वर के आसपास होमस्टे विकसित करने को कहा, ताकि पर्यटकों और तीर्थयात्रियों को ठहरने की सुविधा मिलने के साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आय के नए अवसर पैदा हों।

बेल मेटल शिल्प को मिलेगा आधुनिक बाजार

मुख्यमंत्री को टीकमगढ़ जिले के धरमपुर की प्रसिद्ध पारंपरिक बेल मेटल एवं पीतल शिल्प कला के विकास के लिए करीब 1.99 करोड़ रुपये की प्रस्तावित योजना की जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि इस पारंपरिक कला को केवल विरासत के रूप में संरक्षित करने के बजाय आधुनिक अधोसंरचना, कारीगरों के सशक्तिकरण, रोजगार और व्यापक बाजार से जोड़ा जाना चाहिए।

बताया गया कि पीतल शिल्प कला को बढ़ावा देने के लिए धरमपुरा में करीब 6.99 हेक्टेयर भूमि एमएसएमई विभाग को हस्तांतरित की जा चुकी है। इससे स्थानीय कारीगरों को उत्पादन बढ़ाने और अपने उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

उद्यमियों ने पर्यटन सर्किट का दिया सुझाव

संवाद के दौरान उद्यमी गौरव जैन ने बुंदेलखंड को पर्यटन के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने का सुझाव दिया। उन्होंने ओरछा, खजुराहो और टीकमगढ़ को जोड़कर एक व्यापक पर्यटन सर्किट तैयार करने तथा टीकमगढ़ को धार्मिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की बात कही। उन्होंने कुंडेश्वर को ‘लोक’ के रूप में विकसित करने के साथ टीकमगढ़, मोहनगढ़ और बल्देवगढ़ के किलों के संरक्षण और विकास का सुझाव भी दिया।

उद्यमी राजेश साहू ने बताया कि उनकी मूंगफली प्रसंस्करण इकाई बेहतर तरीके से संचालित हो रही है और उन्हें सरकार से करीब 4 करोड़ रुपये की सब्सिडी प्राप्त हुई है। स्वस्तिक मसाला विनिर्माण इकाई की संचालक सृष्टि मिश्रा ने बताया कि उनकी इकाई का काम अच्छा चल रहा है और उन्हें चार लाख रुपये की सब्सिडी मिली है।

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