महाकाल लोक और तर्ज पर संवरेगी भगवान राम की तपोभूमि : CM यादव ने मंदाकिनी में किया दीपदान, 81.17 करोड़ से फोरलेन सड़क की सौगात

चित्रकूट। दीपों की जगमगाहट, मंदाकिनी के घाटों पर आस्था का सैलाब और भगवान श्रीराम के जयकारों के बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दीपावली पर धर्मनगरी चित्रकूट में विकास और आध्यात्मिक विरासत को नई ऊंचाई देने का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार चित्रकूट को धार्मिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करेगी। उज्जैन के महाकाल लोक और ओरछा के रामराजा लोक की तर्ज पर चित्रकूट में भव्य वनवासी राम लोक का निर्माण किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने मंदाकिनी नदी में दीपदान कर प्रदेश और देश की सुख-समृद्धि की कामना भी की।
चित्रकूट से गुप्त गोदावरी तक बनेगी फोरलेन सड़क
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चित्रकूट धाम से गुप्त गोदावरी तक 81.17 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली फोरलेन सड़क का भूमि पूजन कर निर्माण कार्य का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि इस सड़क के निर्माण से श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आवागमन में बड़ी सुविधा मिलेगी। धार्मिक स्थलों तक पहुंच आसान होने के साथ क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चित्रकूट भगवान श्रीराम की तपोभूमि है। वनवास काल के 11 वर्ष से अधिक समय तक प्रभु श्रीराम ने यहां निवास किया था। यह भूमि भारतीय संस्कृति और आस्था की अमूल्य धरोहर है।
धार्मिक स्थलों का विकास हमारी सांस्कृतिक पहचान
मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया के कई देशों में पर्यटन की दृष्टि से स्थानों का विकास किया जाता है, लेकिन भारत में धार्मिक महत्व के स्थलों का विकास तीर्थाटन और आध्यात्मिक चेतना को केंद्र में रखकर किया जाता है। यही भारतीय संस्कृति की विशेषता है कि तीर्थस्थलों पर पहुंचकर मन में पवित्रता और सकारात्मक भाव उत्पन्न होते हैं।
उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश का प्राचीन इतिहास भगवान श्रीराम, भगवान श्रीकृष्ण और आदिगुरु शंकराचार्य की स्मृतियों से जुड़ा है। उज्जैन में भगवान श्रीकृष्ण ने शिक्षा प्राप्त की, जबकि ओंकारेश्वर में आदिगुरु शंकराचार्य को अपने गुरु मिले। प्रदेश की यह धरती आध्यात्मिक ज्ञान और गौरवशाली परंपराओं की साक्षी रही है।
कामतानाथ के दर्शन, मंदाकिनी में दीपदान कर मांगा आशीर्वाद
मुख्यमंत्री ने दीपोत्सव के पांच दिवसीय मेले में शामिल होकर मंदाकिनी नदी के पंचवटी घाट पर दीपदान किया। मां मंदाकिनी की पूजा-अर्चना के बाद भगवान कामतानाथ मंदिर पहुंचकर दर्शन किए। उन्होंने चित्रकूट धाम के संतों का शाल, श्रीफल और अंगवस्त्र भेंटकर सम्मान किया। साथ ही श्रद्धालुओं को मिठाई बांटकर दीपावली की शुभकामनाएं दीं।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने बच्चों को दीपावली के उपहार भी दिए। सड़क किनारे दीपक बेच रहे बच्चों से आत्मीयता से बातचीत की और उनसे दीपक खरीदे। उन्होंने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मेला क्षेत्र में बनाए गए पीपा पुल और आकस्मिक चिकित्सा के लिए स्थापित स्वास्थ्य शिविर का भी निरीक्षण किया।
admin
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
