राजस्थान निकाय चुनाव : वसुंधरा के गढ़ में कांग्रेस की बड़ी सेंध, झालावाड़ नगर परिषद के 29 वार्ड जीतकर ढहाया दशकों पुराना किला

नई दिल्ली। राजस्थान में नगर निकाय चुनावों के रूझान अब नतीजों में तब्दील होने लगे हैं। सुबह 8 बजे से हुई मतगणना के बाद अब एक-एक नतीजे सामने आ रहे हैं। वहीं रुझानों की बात करें तो भाजपा बड़ी जीत दर्ज करती नजर आ रही है, जबकि कांग्रेस भी बीजेपी को कड़ी टक्कर देती दिखाई दे रही है। राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के गढ़ झालावाड़ जिले में कांग्रेस ने भाजपा को बड़ा झटका दिया है। जिले की 8 निकायों में से चार पर कब्जा कर लिया है। वहीं भाजपा को सिर्फ तीन निकायों पर संतोष करना पड़ा है।
सबसे बड़ा उलटफेर झालावाड़ नगर परिषद में देखने को मिला, जहां कांग्रेस ने 45 में से 29 वार्ड जीतकर शानदार वापसी की है। बीजेपी महज 13 सीटों पर सिमट गई, जबकि दो सीटें निर्दलीयों और एक सीट आम आदमी पार्टी के खाते में गई। बहुमत के लिए जरूरी 23 सीटों के मुकाबले कांग्रेस ने 29 सीटें हासिल कर बोर्ड बनाने का रास्ता साफ कर लिया है।
दुष्यंत सिंह इसी लोकसभा क्षेत्र से लगातार पांचवीं बार हैं सांसद
बता दें कि झालावाड़-झालरापाटन क्षेत्र लंबे समय से वसुंधरा राजे और उनके बेटे दुष्यंत सिंह का मजबूत राजनीतिक आधार माना जाता रहा है। इतना ही नहीं, यह क्षेत्र दशकों से वसुंधरा के गढ़ रहे हैं। ऐसे में झालावाड़ नगर परिषद में कांग्रेस की 29 सीटों की जीत को बीजेपी के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है। दुष्यंत सिंह इसी लोकसभा क्षेत्र से लगातार पांचवीं बार सांसद हैं, जबकि उनसे पहले वसुंधरा राजे भी यहां से सांसद रह चुकी हैं।
चार निकायों में कांग्रेस का दबदबा
कांग्रेस ने झालावाड़ के अलावा भवानी मंडी, खानपुर और डग में भी बहुमत हासिल किया। भवानी मंडी में कांग्रेस को 26, बीजेपी को 13 सीटें मिलीं। खानपुर में कांग्रेस ने 18 और बीजेपी ने 7 सीटें जीतीं, जबकि डग में कांग्रेस 14 और बीजेपी 6 सीटों पर रही।
पिड़ावा में त्रिशंकु स्थिति बनी है। यहां कांग्रेस को 8, बीजेपी को 6 और आम आदमी पार्टी को 5 सीटें मिली हैं। एक सीट निर्दलीय के खाते में गई है। ऐसे में ।।च् यहां बोर्ड गठन में निर्णायक भूमिका निभा सकती है।
admin
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
