विधानसभा की डिजिटल ट्रेनिंग पर सियासी उबाल, : कांग्रेस विधायक ने बताया निरर्थक प्रयास, भाजपा बोली- यह समय की जरूरत

भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा को डिजिटल बनाने की दिशा में विधायकों का तीन दिवसीय ई-विधानसभा प्रशिक्षण कार्यक्रम बुधवार से शुरू हो गया है। विधासभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने प्रशिक्षण सत्र का शुभारंभ किया। इसमें एक बैच में 50 विधायकों को डिजिटल प्रणाली के इस्तेमाल की ट्रेनिंग दी जा रही है। हालांकि, इस पहल को लेकर सियासत भी शुरू हो गई है। एक जहां कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया ने प्रशिक्षण पर सवाल उठाए है। तो वहीं भाजपा विधायक अजय विश्नोई और अभिलाष पांडे ने इसे समय की जरूरत बताते हुए समर्थन किया है।
फूल सिंह बरैया ने ट्रेनिंग पर उठाए सवाल
कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया ने ई-विधानसभा प्रशिक्षण को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि इस तरह की ट्रेनिंग के लिए इच्छा होना जरूरी है। यह प्रयास निरर्थक है और इससे कोई खास फायदा नहीं होने वाला। इतना ही नहीं बरैया ने डिजिटल तकनीक को लेकर हो रही चर्चा पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एक तरफ गोमूत्र से कैंसर ठीक करने जैसी बातें की जाती हैं और दूसरी तरफ डिजिटल तकनीक की बात होती है। उनके इस बयान से ई-विधानसभा प्रशिक्षण को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।
अजय बिश्नोई बोले- समय के साथ डिजिटल होना जरूरी
वहीं भाजपा विधायक अजय बिश्नोई ने फूल सिंह बरैया के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें बेहद ज्ञानी बताया। उन्होंने कहा कि समय के साथ डिजिटल होना जरूरी है। डिजिटल व्यवस्था अपनाने से विधायकों को कई तरह की परेशानियों से बचने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही समय और धन की भी बचत होगी।
अभिलाष पांडे ने भी किया समर्थन
बीजेपी विधायक अभिलाष पांडे ने कहा कि मध्य प्रदेश विधानसभा डिजिटल व्यवस्था की ओर आगे बढ़ रही है। यह तकनीक का युग है और सभी को इससे जुड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि डिजिटल प्रणाली अपनाने से विधानसभा के कामकाज को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। पांडे ने विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर की भी सराहना करते हुए कहा कि वे नवाचार के लिए जाने जाते हैं।
प्रफुल्ल तिवारी
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