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‘सिर्फ मकान नहीं, रोजगार के केंद्र बनें शहर’ : अर्बन ग्रोथ कॉन्क्लेव में बोले सीएम मोहन, जबलपुर-ग्वालियर को मेट्रोपॉलिटन सिटी बनाने की तैयारी

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Oct 28, 2026
10:36 AM
अर्बन ग्रोथ कॉन्क्लेव में बोले सीएम मोहन, जबलपुर-ग्वालियर को मेट्रोपॉलिटन सिटी बनाने की तैयारी

इंदौर। मध्यप्रदेश में शहरी विकास को नई दिशा देने के लिए इंदौर में बुधवार को ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0 का आयोजन किया गया। काॅन्क्लेव का शुभारंभ मुख्यमत्री डाॅ. मोहन यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। सीएम ने आयोजन को पंचरंगी कार्यक्रम करार दिया। कान्क्लेव में बुनियादी सुविधाओं, जल प्रबंधन, आवास और धार्मिक पर्यटन से जुड़ी योजनाओं पर अहम पहल की गई। वहीं सीएम ने अपने संबोधन में कहा कि केवल मकान बना देना मात्र नहीं बल्कि व्यापार, उद्योग, निवेश और रोजगार व्यवस्थित केन्द्र के रूप में हमारे शहर विकसित हों। यही अर्बन ग्रोथ कॉन्क्लेव का लक्ष्य है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में छह समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इनमें इंदौर की जल प्रदाय और सीवरेज परियोजना के लिए बैंक ऑफ इंडिया के साथ हुआ समझौता भी शामिल है। कॉन्क्लेव में हुए समझौतों का उद्देश्य शहरों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना, जल संसाधनों का बेहतर उपयोग करना और विकास परियोजनाओं को गति देना है। वहीं, राज्य सरकार ने जबलपुर और ग्वालियर को मेट्रोपॉलिटन सिटी के रूप में विकसित करने की योजना पर भी जोर दिया। नीति आयोग ने इंदौर फ्यूचर सिटी का प्लान प्रस्तुत किया है। इसमें वर्ष 2047 तक 20 लाख लोगों के लिए रोजगार का लक्ष्य रखा गया है।

सीएम ने आयोजन को बताया पंचरंगी कार्यक्रम

सीएम ने कहा कि यह आयोजन एक पंचरंगी कार्यक्रम की तरह है। मध्यप्रदेश ने टेंपल बॉन्ड और ग्रीन बॉन्ड की शुरुआत की है। उज्जैन में वर्ष 2022 के बाद पर्यटकों की संख्या तेजी से बढ़ी है। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में उज्जैन में बाबा श्रीमहाकाल लोक और काशी में बाबा विश्वनाथ का कॉरिडोर शुरू हो चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया में तेज गति से विकास करने के लिए अलग पहचान बना रहा है। 12 अल्प वर्षा वाले जिलों को विशेष पैकेज दिया जाएगा।

जबलपुर और ग्वालियर भी बनेंगे मेट्रोपॉलिटन सिटी

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में नियोजित शहरी विकास के तहत इंदौर और भोपाल को छह-छह जिलों को शामिल करते हुए मेट्रोपॉलिटन सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके बाद जबलपुर और ग्वालियर को भी इस दिशा में आगे बढ़ाने की योजना है। उन्होंने इंटीग्रेटेड पॉलिसी के तहत इकोनॉमिक कॉरिडोर विकसित करने और 100 मंजिला इमारतों के निर्माण की अनुमति जैसे विषयों पर भी जोर दिया। इन पहलों का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों, निवेश और बुनियादी ढांचे के विस्तार को प्रोत्साहित करना है।

किफायती आवास के लिए तैयार होगी नई नीति

कॉन्क्लेव में मध्यप्रदेश शहरी किफायती आवास नीति का प्रारूप प्रस्तुत किया गया। इसका मकसद शहरों में रहने वाले नागरिकों को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और उनकी आर्थिक क्षमता के अनुरूप आवास उपलब्ध कराने की दिशा में काम करना है। नीति के जरिए शहरी क्षेत्रों में बढ़ती आवास जरूरतों को पूरा करने पर ध्यान दिया जाएगा।

गंदे पानी का दोबारा इस्तेमाल करने पर जोर

जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए ‘मध्यप्रदेश उपचारित अपशिष्ट जल के पुनर्चक्रण एवं पुनः उपयोग की राज्यस्तरीय नीति, 2026’ का प्रारूप भी सामने रखा गया। इसके तहत शोधित पानी का दोबारा उपयोग बढ़ाने और औद्योगिक जरूरतों के लिए इसकी आपूर्ति को प्रोत्साहित करने की योजना है।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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