गांधी परिवार ने राजनीति को बनाया तमाशा : मंत्री सारंग का कांग्रेस पर पलटवार, सोनिया के जीवन बताया रहस्यमय, खरगे को भी घेरा

भोपाल। कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी की आत्मकथा बिलॉन्गिंग ए जर्नी ऑफ लव 10 नवंबर 2026 को भारत में रिलीज होगी। उन्होंने दावा किया है कि जब ये किताब आएगी तो तमाशा तो होगा ही। सोनिया के इस आरोप पर मध्यप्रदेश के कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग ने पलटवार किया है। उन्होंने कांग्रेस और गांधी परिवार तीखा हमला बोला।
मंत्री सारंग ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और नेहरू परिवार ने देश की राजनीति को तमाशा बनाकर रख दिया है। सोनिया गांधी के जीवन को रहस्यमय बताते हुए सारंग ने कहा कि यदि किसी किताब के माध्यम से इन रहस्यों का खुलासा होता है, तो यह अच्छी बात होगी। उन्होंने कहा कि किताब सामने आने के बाद ही पता चलेगा कि उसमें किन मुद्दों और घटनाओं का जिक्र किया गया है।
‘कांग्रेस ने राजनीति का स्तर गिराया’
सारंग ने कांग्रेस की राजनीतिक शैली पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष को लोकतांत्रिक मर्यादाओं का पालन करना चाहिए। राजनीतिक प्रतिस्पर्धा अपनी जगह है, लेकिन व्यक्तिगत टिप्पणियों और असंयमित भाषा के लिए लोकतंत्र में कोई स्थान नहीं होना चाहिए। सारंग ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेता लगातार ऐसे बयान दे रहे हैं, जिनसे राजनीतिक संवाद की गरिमा प्रभावित हो रही है।
प्रधानमंत्री के माता-पिता पर टिप्पणी को बताया शर्मनाक
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता को लेकर दिए गए विवादित बयान पर नाराजगी जाहिर करते हुए सारंग ने कहा कि राजनीतिक विरोध और व्यक्तिगत अपमान के बीच अंतर समझना जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी से राजनीतिक प्रतिस्पर्धा हो सकती है, लेकिन उनके स्वर्गीय माता-पिता के बारे में अनर्गल बातें करना बेहद शर्मनाक है। सारंग ने कहा कि 80 वर्ष की उम्र में किसी व्यक्ति की ओर से इस तरह की शब्दावली का इस्तेमाल करना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने तीखे शब्दों में कहा, ‘एक तो चोरी, ऊपर से सीना जोरी।’
लोकतांत्रिक परंपराओं पर भी उठाए सवाल
भाजपा नेता ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा और व्यवस्थित लोकतंत्र है। लोकतंत्र की उच्च परंपराओं का निर्वहन करना उनकी पार्टी की प्रतिबद्धता है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के नेता, जिन्हें जनता ने चुनावों में नकार दिया है, वे अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं और संवैधानिक परंपराओं तथा संस्थाओं को बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं। सारंग ने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लोकतंत्र की उच्च परंपराओं का निर्वहन किया गया है। उन्होंने विपक्ष से राजनीतिक मतभेदों को मर्यादा के भीतर रखने और सार्वजनिक जीवन में जिम्मेदार भाषा का प्रयोग करने की अपेक्षा जताई।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
