इंदौर मेट्रो : भूमिगत ट्रैक का निर्माण बना चुनौतीपूर्ण, एयरपोर्ट क्षेत्र में चट्टानों के बीच नियंत्रित ब्लास्टिंग से आगे बढ़ रहा काम

इंदौर। इंदौर में मेट्रो रेल परियोजना का भूमिगत हिस्सा अब एयरपोर्ट क्षेत्र के पास तेजी से आगे बढ़ रहा है। यहां प्रस्तावित अंडरग्राउंड स्टेशन का निर्माण कार्य चल रहा है, जो लगभग डेढ़ किलोमीटर आगे जाकर एलिवेटेड ट्रैक से जुड़ेगा। शुरुआत में करीब आठ महीने पहले खुदाई का काम शुरू किया गया था, लेकिन लगभग 20 फीट गहराई पर कठोर चट्टानें मिलने के कारण निर्माण कार्य को तकनीकी रूप से बदलना पड़ा। अब यहां नियंत्रित ब्लास्टिंग तकनीक के जरिए चट्टानों को तोड़कर आगे खुदाई की जा रही है।
ब्लास्टिंग से बढ़ी निर्माण की रफ्तार
पिछले कुछ दिनों से इस इलाके में लगातार ब्लास्टिंग की आवाजें सुनाई दे रही हैं। मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन की टीम सावधानीपूर्वक नियंत्रित विस्फोटों के जरिए चट्टानों को हटाकर भूमिगत सुरंग के निर्माण को आगे बढ़ा रही है। अधिकारियों के अनुसार यह तरीका सुरक्षित और आवश्यक है, क्योंकि सामान्य खुदाई मशीनें इतनी कठोर चट्टानों को तोड़ने में सक्षम नहीं हैं। अनुमान है कि सिंहस्थ से पहले एयरपोर्ट क्षेत्र में इस भूमिगत हिस्से का बड़ा निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
10 किलोमीटर भूमिगत ट्रैक का लक्ष्य
इंदौर मेट्रो परियोजना के तहत कुल 10 किलोमीटर लंबा अंडरग्राउंड ट्रैक प्रस्तावित है। यह हिस्सा खजराना से एयरपोर्ट रोड तक फैला होगा। हालांकि अभी इस पूरे मार्ग पर व्यापक स्तर पर निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। इस रूट में पहले प्रस्तावित योजना में बदलाव किया गया था, जिसके बाद लगभग 2 किलोमीटर अतिरिक्त भूमिगत ट्रैक जोड़ा गया, जिससे परियोजना की लागत में करीब 2000 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई।
परियोजना की मौजूदा स्थिति और लागत
इंदौर मेट्रो परियोजना पर कुल लगभग 15,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है। वर्तमान में लगभग 20 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड ट्रैक तैयार हो चुका है, जिस पर ट्रायल रन भी कई बार सफलतापूर्वक किए जा चुके हैं। इसके अलावा गांधी नगर से रेडिसन चैराहा तक पांच स्टेशन पूरी तरह तैयार हैं और संचालन की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
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