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युवाओं के आगे झुकी सरकार : धर्मेंन्द्र प्रधान ने पद से दिया इस्तीफा, एक्स पर लिखा-शिक्षा सुधार के लिए मैं रहा समर्पित

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Jul 25, 2026
09:15 AM
धर्मेंन्द्र प्रधान ने पद से दिया इस्तीफा, एक्स पर लिखा-शिक्षा सुधार के लिए मैं रहा समर्पित

नई दिल्ली। नीट पेपर लीक और परीक्षाओं पर कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों की मांगों के आगे केन्द्र सरकार झुक गई है। केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। प्रधान ने इस्तीफे की घोषणा सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर की है। साथ ही इस्तीफा देने की वजह भी बताई।

एक्स पर एक पोस्ट में धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, मेरे युवा साथियों, मैं पिछले चार दशकों से अधिक समय से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहा हूं। उनका हमेशा से मानना रहा है कि मजबूत, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही किसी भी राष्ट्र के विकास की आधारशिला होती है।

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, 3 मई 2026 को आयोजित नीट-यूजी परीक्षा में अनियमितताओं की शिकायतें सामने आते ही सरकार ने तुरंत कार्रवाई की। मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई, परीक्षा रद्द कर दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया गया और अगले साल से नीट को पूरी तरह कंप्यूटर आधारित मोड में आयोजित करने की घोषणा की गई।

निष्पक्ष परीक्षा करना हमारी थी सवोच्च प्राथमिकता

धर्मेंद्र प्रधान ने लिखा कि 20 लाख से अधिक छात्रों की परीक्षा निष्पक्ष और सुचारु रूप से कराना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता थी। इसके लिए केंद्र सरकार, राज्य सरकारों, जिला प्रशासन, छात्रों और अभिभावकों के सहयोग से 21 जून 2026 को दोबारा परीक्षा सफलतापूर्वक आयोजित की गई। 16 जुलाई को घोषित परिणामों में गरीब और वंचित परिवारों के कई प्रतिभाशाली छात्रों को सफलता मिली, लेकिन कुछ जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों ने छात्रों को गुमराह करने की कोशिश की, जिससे उन्हें गहरा दुख पहुंचा।

युवाओं की अपेक्षाओं का करता हूं सम्मान

उन्होंने कहा, मैं देश के युवाओं की आकांक्षाओं, भावनाओं और उनकी न्यायोचित अपेक्षाओं का गहरा सम्मान करता हूं। भारत की युवा पीढ़ी के सपनों को साकार करना हम सभी के राजनीतिक एवं सामाजिक जीवन का नैतिक संकल्प रहा है। आदरणीय प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व में राष्ट्र की सेवा करने का जो अवसर मुझे प्राप्त हुआ, उसके लिए मैं प्रधानमंत्री का आभार प्रकट करता हूं।

10 दिन की घटनाओं ने किया व्यथित

अपने इस्तीफे पर धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि पिछले 10 दिनों की घटनाओं ने उन्हें बेहद व्यथित किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह उनके व्यक्तिगत सम्मान का विषय नहीं, बल्कि देश के युवाओं के भविष्य का सवाल है। उन्होंने कहा कि वह नहीं चाहते कि छात्रों का भविष्य कानूनी विवादों और राजनीतिक टकराव में उलझे या उनका ध्यान पढ़ाई से भटके। इसी भावना के साथ उन्होंने पद छोड़ने का निर्णय लिया।

मंत्रालय के कर्मचारियों का जताया आभार

पत्र के अंत में धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन, मंत्रिपरिषद के सहयोगियों, शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों और कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में आगे भी वह भारत माता, ओडिशा की जनता और देश के युवाओं की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए पूरी निष्ठा के साथ काम करते रहेंगे।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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