शनिवार, 27 जून 202606:55:40 PM
Download App
Home/देश

राम मंदिर चंदा चोरी पर सियासी संग्राम : दिग्गी ने भाजपा और मंदिर ट्रस्ट पर बोला तीखा हमला, टारगेट पर रहे चंपत राय

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Jun 27, 2026
09:53 AM
दिग्गी ने भाजपा और मंदिर ट्रस्ट पर बोला तीखा हमला, टारगेट पर रहे चंपत राय

उज्जैन। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने अयोध्या स्थित राम मंदिर की दान राशि में कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्र की भाजपा सरकार और मंदिर ट्रस्ट पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश के इतिहास में पहली बार ऐसी स्थिति बनी है, जब मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए चंदे को लेकर सवाल उठ रहे हैं। दिग्विजय ने ट्रस्ट प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।

चंपत राय को लेनी चाहिए पूरी जिम्मेदारी

दिग्विजय सिंह ने राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय पर सीधे निशाना साधते हुए कहा कि पूरे मामले की जवाबदेही ट्रस्ट प्रबंधन की है। उनका कहना था कि केवल किसी एक ट्रस्टी के इस्तीफे से मामला खत्म नहीं हो जाता। यदि दान राशि में कथित गड़बड़ी हुई है तो उसकी नैतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी ट्रस्ट के शीर्ष पदाधिकारियों को लेनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भगवान राम के नाम पर बड़े पैमाने पर चंदा जुटाया गया, लेकिन उसके प्रबंधन और उपयोग को लेकर कई सवाल अब भी अनुत्तरित हैं।

साढ़े 12 करोड़ लोगों के चंदे का हिसाब सामने आए

पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया कि राम मंदिर आंदोलन के दौरान वर्ष 1992 के बाद करीब साढ़े 12 करोड़ लोगों ने आर्थिक सहयोग दिया था, लेकिन उस चंदे का पूरा विवरण अब तक सार्वजनिक नहीं किया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई प्रमुख दानदाताओं द्वारा दिए गए योगदान का स्पष्ट हिसाब भी सामने नहीं आया है। दिग्विजय सिंह ने कहा कि मंदिर निर्माण जैसे आस्था के विषय में पारदर्शिता सबसे जरूरी है और जनता को हर दान का पूरा लेखा-जोखा मिलना चाहिए।

एसआईटी जांच और एफआईआर पर उठाए सवाल

दिग्विजय सिंह ने कहा कि मामले में एसआईटी की रिपोर्ट आने के बाद एफआईआर तो दर्ज हुई, लेकिन जांच की दिशा और कार्रवाई पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। उनका आरोप था कि आरोपियों से गहन पूछताछ और रिमांड लेने के बजाय उन्हें सीधे जेल भेज दिया गया। उन्होंने पूरे मामले की व्यापक जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

भाजपा और आरएसएस पर भी बोला हमला

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि मंदिर निर्माण पूरा होने के बावजूद उसकी व्यवस्थाएं अब भी विश्व हिंदू परिषद के प्रभाव में हैं। उन्होंने कहा कि देश के अधिकांश प्रमुख मंदिरों का संचालन संत-महात्माओं की देखरेख में होता है, जहां इस तरह के विवाद सामने नहीं आते। इसके साथ ही उन्होंने गुजरात मॉडल और मध्य प्रदेश व राजस्थान की राजनीति पर भी तंज कसते हुए भाजपा पर प्रशासनिक फैसलों में राजनीतिक हस्तक्षेप का आरोप लगाया।

प्रफुल्ल तिवारी
Written By

प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

आपको यह खबर कैसी लगी? शेयर करें

अपने दोस्तों और परिवार के साथ साझा करें