वैभव सूर्यवंशी : पहले बल्लेबाजी में निखार, फिर गेंदबाजी की बारी, 15 वर्षीय प्रतिभा को लेकर जल्दबाजी नहीं करेगा टीम प्रबंधन

हरारे। महज 15 साल की उम्र में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सनसनी मचाने वाले वैभव सूर्यवंशी को लेकर भारतीय टीम ने दीर्घकालिक रणनीति तैयार कर ली है। जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले टी20 में रिकॉर्डतोड़ अर्धशतक के बाद कार्यवाहक गेंदबाजी कोच सुनील जोशी ने संकेत दिए कि फिलहाल टीम का पूरा ध्यान वैभव को एक भरोसेमंद बल्लेबाज के रूप में स्थापित करने पर रहेगा। उन्होंने कहा कि उनकी गेंदबाजी पर जल्दबाजी में काम नहीं किया जाएगा, बल्कि भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड के उत्कृष्टता केंद्र में चरणबद्ध तरीके से उसे निखारा जाएगा। टीम प्रबंधन का मानना है कि इतनी कम उम्र में खिलाड़ी पर अतिरिक्त जिम्मेदारी डालने के बजाय उसकी स्वाभाविक प्रतिभा को विकसित करना ज्यादा जरूरी है, ताकि वह लंबे समय तक भारतीय क्रिकेट की बड़ी ताकत बन सके।
दूसरे टी20 मुकाबले से पहले आयोजित प्रेस वार्ता में सुनील जोशी ने कहा कि वैभव ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में जिस आत्मविश्वास और निडर अंदाज से शुरुआत की है, वह बेहद प्रभावशाली है। ऐसे में फिलहाल उनका पूरा ध्यान बल्लेबाजी पर ही रहना चाहिए।
जोशी ने कहा कि वैभव ने हरारे में हमेशा शानदार प्रदर्शन किया है। इससे पहले भी वह अंडर-19 विश्व कप के फाइनल में इसी मैदान पर बेहतरीन पारी खेल चुके हैं और अब पहले टी20 मुकाबले में भी उन्होंने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि समय मिलने पर उत्कृष्टता केंद्र में उनकी गेंदबाजी पर भी व्यवस्थित तरीके से काम किया जाएगा।
18 गेंदों में अर्धशतक लगाकर बनाया रिकॉर्ड
वैभव सूर्यवंशी ने पहले टी20 मुकाबले में केवल 18 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर नया इतिहास रच दिया। इसके साथ ही वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे कम उम्र में अर्धशतक लगाने वाले बल्लेबाज बन गए। उनकी विस्फोटक पारी की बदौलत भारत ने 126 रन का लक्ष्य केवल 13.2 ओवर में हासिल कर सात विकेट से मुकाबला अपने नाम कर लिया। उनकी इस पारी ने क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींचा और उन्हें भविष्य का बड़ा सितारा माना जाने लगा है।
सूर्यांश शेडगे की तुलना से किया इनकार
सुनील जोशी ने युवा ऑलराउंडर सूर्यांश शेडगे की तुलना हार्दिक पांड्या और शिवम दुबे से किए जाने पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि हर खिलाड़ी की अपनी अलग पहचान होती है और किसी युवा खिलाड़ी की तुलना स्थापित खिलाड़ियों से करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि हार्दिक पांड्या और शिवम दुबे ने अपनी मेहनत से भारतीय टीम में जगह बनाई है। वहीं सूर्यांश अभी अपने करियर की शुरुआत में हैं और उन्हें अपनी पहचान बनाने के लिए समय और भरोसे की जरूरत है।
अभिषेक और तिलक भी बनेंगे उपयोगी गेंदबाजी विकल्प
जोशी ने बताया कि भारतीय टीम अपने बल्लेबाजों को भी उपयोगी गेंदबाजी विकल्प के रूप में तैयार कर रही है। उनके अनुसार अभिषेक शर्मा ने अपनी गेंदबाजी में लगातार सुधार किया है और टीम चाहती है कि वह इस क्षेत्र में और बेहतर बनें। तिलक वर्मा भी जरूरत पड़ने पर महत्वपूर्ण ओवर डाल सकते हैं। टीम प्रबंधन उनसे लगातार सटीक लाइन-लेंथ और डॉट गेंदों पर ध्यान देने की सलाह दे रहा है।
रवि बिश्नोई की वापसी का राज भी बताया
सुनील जोशी ने स्पिनर रवि बिश्नोई की शानदार वापसी पर भी खुलासा किया। इंग्लैंड दौरे पर महंगे साबित होने के बाद बिश्नोई ने जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले में चार ओवर में केवल 24 रन देकर एक विकेट हासिल किया।
जोशी ने बताया कि बिश्नोई के गेंदबाजी एक्शन में कोई बदलाव नहीं किया गया है। केवल उनके रन-अप में छोटा सा सुधार किया गया, जिससे उनकी लय और नियंत्रण बेहतर हुआ। उन्होंने कहा कि इस बदलाव पर गेंदबाजी विशेषज्ञों के साथ विस्तार से काम किया गया था और इसका सकारात्मक परिणाम अब मैदान पर दिखाई दे रहा है। भारतीय टीम को उम्मीद है कि युवा खिलाड़ियों का यह प्रदर्शन आगे भी टीम की सफलता में अहम भूमिका निभाएगा।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
