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त्विषा शर्मा केस में बड़ा अपडेट : अभी सलाखों के पीछे रहेंगी गिरिबाला और समर्थ, 14 जुलाई तक बढ़ी न्यायिक हिरासत, घर जाने मांगी थी अनुमति

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Jun 30, 2026
10:46 AM
अभी सलाखों के पीछे रहेंगी गिरिबाला और समर्थ, 14 जुलाई तक बढ़ी न्यायिक हिरासत, घर जाने मांगी थी अनुमति

भोपाल। राजधानी भोपाल के बहुचर्चित त्विषा शर्मा संदिग्ध मौत मामले में आरोपी सास और पति को अदालत से कोई राहत नहीं मिली है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की जांच के बीच सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह की न्यायिक हिरासत 14 जुलाई तक बढ़ा दी गई है। दोनों दहेज हत्या समेत विभिन्न गंभीर धाराओं में जेल में बंद हैं।

मंगलवार को न्यायिक हिरासत की अवधि पूरी होने पर दोनों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जिला अदालत में पेश किया गया। सुनवाई के दौरान सीबीआई ने जांच पूरी करने के लिए हिरासत बढ़ाने की मांग की, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। वहीं, मामले में वॉयस सैंपल, लैपटॉप के पासवर्ड और कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग जैसे अहम साक्ष्यों को लेकर जांच अब और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।

घर जाने की अनुमति मांगी

सुनवाई के दौरान गिरिबाला सिंह ने अदालत को बताया कि उनके बागमुगालिया एक्सटेंशन स्थित घर से करीब 20 लाख रुपये के आभूषण चोरी हो गए हैं। उन्होंने पुलिस सुरक्षा में घर जाकर घटनास्थल देखने की अनुमति देने का अनुरोध किया। उनका कहना था कि घर से कोई महत्वपूर्ण दस्तावेज नहीं, बल्कि केवल जेवर चोरी हुए हैं।

दरअसल, कुछ दिन पहले उनके घर में चोरी की घटना हुई थी। पुलिस गश्ती दल के पहुंचने पर बदमाश कुछ आभूषण और दस्तावेजों की फाइल छोड़कर मौके से फरार हो गए थे। इस मामले की जांच भोपाल पुलिस कर रही है।

सीबीआई ने जताई आपत्ति

सीबीआई ने अदालत में कहा कि चोरी का मामला और त्विषा शर्मा की मौत की जांच पूरी तरह अलग-अलग हैं। इसलिए वर्तमान सुनवाई में चोरी के मामले को शामिल नहीं किया जा सकता। अदालत ने भी स्पष्ट किया कि यदि गिरिबाला सिंह घर जाने की अनुमति चाहती हैं तो उन्हें इसके लिए विधिवत लिखित आवेदन प्रस्तुत करना होगा। केवल मौखिक अनुरोध के आधार पर कोई आदेश पारित नहीं किया जा सकता।

वॉयस सैंपल और लैपटॉप जांच पर सुनवाई 3 जुलाई को

मामले की सुनवाई के दौरान सीबीआई ने अदालत में दो अलग-अलग आवेदन भी पेश किए। पहले आवेदन में गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह के वॉयस सैंपल लेने की अनुमति मांगी गई, जबकि दूसरे आवेदन में समर्थ सिंह के लैपटॉप का पासवर्ड उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया। जांच एजेंसी का कहना है कि त्विषा शर्मा की मौत से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य लैपटॉप में मौजूद हो सकते हैं, लेकिन पासवर्ड सुरक्षित होने के कारण उसकी जांच संभव नहीं हो पा रही है।

ऑडियो रिकॉर्डिंग की होगी फॉरेंसिक जांच

सीबीआई ने अदालत को बताया कि त्विषा के परिजनों ने कुछ ऑडियो रिकॉर्डिंग जांच एजेंसी को सौंपी हैं। परिजनों का दावा है कि इन रिकॉर्डिंग में सुनाई देने वाली महिला की आवाज गिरिबाला सिंह की है और इनमें विवाह के बाद त्विषा के साथ कथित प्रताड़ना से जुड़ी बातचीत दर्ज है। इन रिकॉर्डिंग की फॉरेंसिक जांच और आवाज के मिलान के लिए वॉयस सैंपल आवश्यक बताए गए हैं। अदालत ने दोनों आवेदनों पर सुनवाई के लिए 3 जुलाई की तारीख तय की है।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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