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लोकसभा में फिर गूंजा नीट पेपर लीक का मुद्दा : चर्चा के लिए तैयार हुई सरकार, विपक्ष को प्रधान के इस्तीफे से कम नहीं मंजूर

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Jul 22, 2026
07:45 AM
चर्चा के लिए तैयार हुई सरकार, विपक्ष को प्रधान के इस्तीफे से कम नहीं मंजूर

नई दिल्ली। लोकसभा में बुधवार को नीट पेपर लीक और परीक्षा में कथित अनियमितताओं का मुद्दा एक बार फिर जोरदार तरीके से गूंजा। केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया कि वह इस विषय पर संसद में चर्चा कराने के लिए पूरी तरह तैयार है, लेकिन विपक्ष ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए हंगामा जारी रखा। लगातार शोर-शराबे के कारण सदन की कार्यवाही सामान्य रूप से नहीं चल सकी और अंततः उसे दोपहर 2 बजे तक स्थगित करना पड़ा।

किरेन रिजिजू ने दिया चर्चा का भरोसा

दोपहर 12 बजे लोकसभा की कार्यवाही दोबारा शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने नीट पेपर लीक और दिल्ली में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाया। इसके जवाब में केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार इस संवेदनशील विषय पर चर्चा से पीछे नहीं हट रही है।

उन्होंने कहा कि पिछले तीन दिनों से सरकार विपक्ष को बहस के लिए आमंत्रित कर रही है और आज भी वह चर्चा के लिए तैयार है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि बहस किस नियम के तहत होगी, कितनी देर चलेगी और उसका प्रारूप क्या होगा, इसका फैसला लोकसभा अध्यक्ष सभी दलों के फ्लोर नेताओं से विचार-विमर्श के बाद करेंगे।

विपक्ष ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर रखा जोर

कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष की मांग बिल्कुल स्पष्ट है। उनका कहना था कि शिक्षा मंत्री को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि इस मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव स्वीकार कर तत्काल चर्चा कराई जाए ताकि छात्रों से जुड़े गंभीर सवालों पर संसद में जवाब मिल सके। विपक्ष का आरोप था कि केवल चर्चा का आश्वासन पर्याप्त नहीं है, बल्कि सरकार को इस मामले में जवाबदेही भी तय करनी चाहिए।

अखिलेश यादव बोले- यह छात्रों के भविष्य का सवाल

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और सांसद अखिलेश यादव ने भी इस मुद्दे पर हस्तक्षेप किया। उन्होंने कहा कि यह किसी एक दल की राजनीति का विषय नहीं, बल्कि देशभर के लाखों छात्रों और युवाओं के भविष्य से जुड़ा मामला है। उन्होंने मांग की कि संसद में सभी राजनीतिक दलों को अपनी बात रखने का पूरा अवसर मिलना चाहिए और इस विषय पर गंभीर एवं सार्थक बहस होनी चाहिए।

स्पीकर की अपील भी नहीं आई काम

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन में व्यवस्था बनाए रखने की कोशिश करते हुए विपक्ष से आग्रह किया कि सरकार पहले ही चर्चा के लिए अपनी सहमति जता चुकी है। उन्होंने कहा कि विरोध दर्ज कराने के बजाय सांसदों को बहस में भाग लेना चाहिए, ताकि छात्रों से जुड़े इस महत्वपूर्ण विषय पर सार्थक चर्चा हो सके। इसके बावजूद विपक्षी सदस्य नारेबाजी करते रहे और सदन के वेल में पहुंचकर विरोध प्रदर्शन जारी रखा। लगातार हंगामे के कारण कार्यवाही सुचारु रूप से नहीं चल सकी।

गतिरोध बरकरार, कार्यवाही फिर स्थगित

सरकार की ओर से चर्चा के लिए तैयार होने का भरोसा दिए जाने के बावजूद विपक्ष अपने रुख पर कायम रहा। सदन में शोर-शराबा और विरोध प्रदर्शन नहीं थमने पर लोकसभा अध्यक्ष ने कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार और विपक्ष के बीच सहमति बनती है या यह गतिरोध आगे भी संसद की कार्यवाही को प्रभावित करता रहेगा।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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