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2017 से पहले यूपी में चरम पर थी गुंडागर्दी : योगी का विपक्ष पर तीखा वार, कहा- चोरी की गाड़ी की बदल दी जाती थी चेचिस तक

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Sep 23, 2026
06:47 AM
योगी का विपक्ष पर तीखा वार, कहा- चोरी की गाड़ी की बदल दी जाती थी चेचिस तक

लखनऊ। उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य में 2017 से पहले की कानून व्यवस्थाओं सड़कों को लेकर विपक्ष पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में अराजकता का माहौल था। जिसका खामियाजा प्रदेश की जनता के साथ-साथ परिवहन और सहकारिता क्षेत्र को भुगतना पड़ा। उन्होंने यहां तक कह दिया कि पहले पहले की सरकारों में भैंसा गाड़ी तक सुरक्षित नहीं थीं। सीएम योगी ने विपक्ष पर यह तीखा हमला बुधवार को लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में भारत टैक्सी योजना और मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के ई-पोर्टल का शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान बोला।

‘टैक्सी में बैठकर किराया नहीं देते थे’

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने विपक्ष को अपने निशाने पर लेते हुए कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में कई-कई महीने तक कर्फ्यू की स्थिति रहती थी और गुंडागर्दी चरम पर थी। उन्होंने दावा किया कि उस दौर में टू-व्हीलर और कार ही नहीं, बल्कि भैंसा गाड़ी तक सुरक्षित नहीं थी। उनका आरोप था कि टैक्सी में बैठने के बाद लोग किराया नहीं देते थे और सत्ताधारी दल से जुड़े लोग ड्राइवरों के साथ मारपीट कर वाहन छीन लेते थे।

उन्होंने मेरठ का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां चोरी की गाड़ियों की चेसिस तक बदल दी जाती थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून-व्यवस्था में सुधार के बाद परिवहन क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को सुरक्षा और सम्मान के साथ काम करने का अवसर मिला है।

‘पहले सड़क में गड्ढे थे या गड्ढों में सड़क’

योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की सड़कों की पुरानी स्थिति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि पहले यह समझना मुश्किल होता था कि सड़क में गड्ढे हैं या गड्ढों में सड़क बनी हुई है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि अब प्रदेश में अंतरराज्यीय संपर्क के लिए चार लेन की सड़कों का विस्तार हुआ है और परिवहन सुविधाओं में बदलाव आया है।

उन्होंने सहकारिता क्षेत्र को ‘दो धारी तलवार’ बताते हुए कहा कि सही नेतृत्व मिलने पर सहकारिता समृद्धि का माध्यम बनती है, जबकि गलत नेतृत्व से अव्यवस्था पैदा हो सकती है। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद पहली बार अलग से सहकारिता मंत्रालय का गठन हुआ है।

ड्राइवरों को शून्य कमीशन और सामाजिक सुरक्षा

कार्यक्रम में शुरू की गई भारत टैक्सी योजना का उद्देश्य परिवहन क्षेत्र में काम करने वाले चालकों को अधिक लाभ पहुंचाना बताया गया। सरकार के अनुसार योजना के तहत ड्राइवरों को शून्य कमीशन और सामाजिक सुरक्षा जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जाएगा। इससे चालकों की आय और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने का लक्ष्य है।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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