जल है तो कल है : जल गंगा संवर्धन अभियान के तीसरे चरण का समापन, CM मोहन का संकल्प, जल संरक्षण अभियान रहेगा लगातार जारी

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जल ही जीवन और सृष्टि का आधार है। प्रकृति का उद्भव जल से हुआ है और सभी जीवों का अस्तित्व इसी पर निर्भर है। उन्होंने कहा कि हमारे पूर्वजों ने जल के महत्व को समझते हुए तालाब, बावड़ी और अन्य जल संरचनाओं का निर्माण किया था। आज हमारी जिम्मेदारी है कि इन धरोहरों का संरक्षण करें और आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों को सुरक्षित रखें। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में जल संरक्षण का अभियान समापन के बाद भी लगातार जारी रहेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को राजगढ़ जिले के भैंसवा माता क्षेत्र में आयोजित जल गंगा संवर्धन अभियान के तीसरे चरण के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने 252 करोड़ 65 लाख रुपए की लागत वाले 31 विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण किया। साथ ही भैंसवा माता क्षेत्र के समग्र विकास के लिए 20 करोड़ रुपए देने की घोषणा भी की। कार्यक्रम का शुभारंभ कन्या पूजन और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।
कम वर्षा की आशंका के बीच जल संरक्षण रहेगा प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूरे देश में जल संरक्षण और संवर्धन को जन आंदोलन बनाया गया है। मध्यप्रदेश में भी पिछले तीन वर्षों से यह अभियान व्यापक जनभागीदारी के साथ चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष अल-नीनो के प्रभाव के कारण सामान्य से कम वर्षा होने का अनुमान है। इसे देखते हुए अमृत सरोवर, रेन वॉटर हार्वेस्टिंग, नदी संरक्षण और अन्य जल स्रोतों के संरक्षण का कार्य लगातार जारी रहेगा।
उन्होंने जानकारी दी कि 19 मार्च से लगभग 100 दिनों तक चले जल गंगा संवर्धन अभियान के दौरान प्रदेशभर में 10 हजार 514 करोड़ रुपए की लागत से 3 लाख 63 हजार से अधिक जल संरक्षण एवं संवर्धन कार्य पूरे किए गए। इन कार्यों में आम जनता का उल्लेखनीय सहयोग मिला।
जल संरक्षण हमारी संस्कृति का अभिन्न हिस्सा
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय सनातन संस्कृति में पंचतत्वों का विशेष महत्व है और इनमें जल सर्वोपरि माना गया है। हर शुभ कार्य जल से ही आरंभ होता है। उन्होंने रहीम के प्रसिद्ध दोहे का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारे संतों और कवियों ने भी जल की महत्ता को रेखांकित किया है। उन्होंने बताया कि जल गंगा संवर्धन अभियान के बेहतर क्रियान्वयन के लिए भारत सरकार ने मध्यप्रदेश के छह उत्कृष्ट जिलों में राजगढ़ को भी शामिल किया है, जो जिले के लिए गौरव की बात है।
सिंचाई बढ़ी, किसानों को मिल रहा बेहतर समर्थन
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की समृद्धि का सबसे बड़ा आधार सिंचाई सुविधा है। पिछले दो दशकों में प्रदेश में सिंचित क्षेत्र का तेजी से विस्तार हुआ है और सरकार हर खेत तक पानी पहुंचाने के संकल्प पर काम कर रही है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने गेहूं का समर्थन मूल्य 2,625 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। इसके अलावा किसान सम्मान निधि, लाड़ली बहना योजना और शिक्षा के क्षेत्र में सांदीपनि विद्यालय जैसी योजनाओं के माध्यम से समाज के हर वर्ग को लाभ पहुंचाया जा रहा है।
उन्होंने सिंहस्थ महापर्व का उल्लेख करते हुए कहा कि उज्जैन में आयोजित होने वाले विश्व के सबसे बड़े धार्मिक मेले को और अधिक भव्य एवं दिव्य बनाने के लिए व्यापक विकास कार्य किए जा रहे हैं, ताकि करोड़ों श्रद्धालुओं को शिप्रा नदी में सुगमता से स्नान और दर्शन की सुविधा मिल सके।
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