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वैश्विक चुनौतियों के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था पर भरोसा : IMF ने बढ़ाया ग्रोथ का अनुमान, 2026-27 में 7% विकास दर की उम्मीद

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Oct 13, 2026
05:48 AM
IMF ने बढ़ाया ग्रोथ का अनुमान, 2026-27 में 7% विकास दर की उम्मीद

वॉशिंगटन। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और बढ़ती ऊर्जा कीमतों के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए अच्छी खबर सामने आई है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने भारत की आर्थिक विकास दर के अनुमान में बढ़ोतरी करते हुए वित्त वर्ष 2026-27 में 7 प्रतिशत वृद्धि की संभावना जताई है। अक्टूबर 2026 की वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक (WEO) रिपोर्ट के अनुसार, भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में अपनी मजबूत स्थिति बनाए रख सकता है।

वित्त वर्ष 2027 और 2028 में भी 7% ग्रोथ का अनुमान

IMF ने वित्त वर्ष 2027 के लिए भारत की विकास दर का अनुमान जुलाई 2026 के आकलन से 0.6 प्रतिशत अंक और अप्रैल के अनुमान से 0.5 प्रतिशत अंक बढ़ाया है। वहीं, वित्त वर्ष 2028 के लिए भी विकास दर का अनुमान जुलाई की तुलना में 0.3 प्रतिशत अंक और अप्रैल की तुलना में 0.5 प्रतिशत अंक बढ़ाकर 7 प्रतिशत कर दिया गया है। यह संशोधन भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती और विकास की संभावनाओं को दर्शाता है।

घरेलू मांग और सेवा क्षेत्र बने विकास के प्रमुख आधार

रिपोर्ट के मुताबिक, भारत की आर्थिक वृद्धि को मजबूत घरेलू मांग, विस्तृत होते बाजार और सेवा क्षेत्र के बेहतर प्रदर्शन से समर्थन मिल रहा है। वर्ष 2025 में भारतीय अर्थव्यवस्था 7.8 प्रतिशत की दर से बढ़ी थी। कैलेंडर वर्ष के आधार पर IMF ने 2026 में 7.4 प्रतिशत और 2027 में 7 प्रतिशत विकास दर का अनुमान लगाया है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि ऊंची तेल कीमतों के बावजूद घरेलू खपत और सेवाओं की मजबूती आर्थिक गतिविधियों को गति दे रही है। अनुकूल जनसांख्यिकीय संरचना, बड़ा घरेलू बाजार और लगातार जारी संरचनात्मक सुधार भी भारत की विकास क्षमता को मजबूत कर रहे हैं।

महंगाई बढ़ने की आशंका, 2027 में राहत की उम्मीद

IMF के अनुसार, भारत में उपभोक्ता मूल्य मुद्रास्फीति 2025 के 2 प्रतिशत से बढ़कर 2026 में 5 प्रतिशत तक पहुंच सकती है। हालांकि, 2027 में इसके घटकर 4.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है। वहीं, चालू खाता घाटा 2026 में सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के 1.5 प्रतिशत और 2027 में 1.3 प्रतिशत रहने की संभावना है। वर्ष 2025 में यह 0.7 प्रतिशत था।

व्यापार समझौतों से मिल सकता है अतिरिक्त लाभ

IMF ने यूरोपीय संघ और ब्रिटेन के साथ भारत के व्यापार समझौतों को भी महत्वपूर्ण बताया है। इनसे टैरिफ और गैर-टैरिफ बाधाएं कम करने, आपूर्ति शृंखला मजबूत बनाने तथा व्यापार को बढ़ावा देने में मदद मिल सकती है। वैश्विक स्तर पर IMF ने 2026 में 3.1 प्रतिशत और 2027 में 3.4 प्रतिशत आर्थिक वृद्धि का अनुमान लगाया है। ऐसे में भारत की अनुमानित 7 प्रतिशत विकास दर वैश्विक अर्थव्यवस्था के मुकाबले उसकी मजबूत संभावनाओं को रेखांकित करती है।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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