बुधवार, 14 अक्टूबर 202610:15:26 PM
Download App
Home/देश

मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा : मेरठ नीला ड्रम हत्याकांड में अहम फैसला, सौरभ के परिवार मांगा था मृत्युदंड

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Oct 14, 2026
11:23 AM
मेरठ नीला ड्रम हत्याकांड में अहम फैसला, सौरभ के परिवार मांगा था मृत्युदंड

मेरठ। उत्तरप्रदेश के मेरठ के बहुचर्चित नीले ड्रम हत्याकांड में सजा का ऐलान हो गया है। जिला जेल ने सौरभ राजपूत हत्या मामले में मुस्कान और साहिल शुक्ला को फांसी की सजा सुनाई है। जिला जज अरविंद कुमार की अदालत ने दोनों को हत्या का दोषी ठहराते हुए मृत्यदंड की सजा का ऐलान किया। जिला जेल से मुस्कान और साहिल को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश किया गया। इस दौरान दोनों ने यह भी पूछा गया की उन्हें कुछ कहना है, लेकिन वे चुप रहे।

करीब डेढ़ साल बाद आया फैसला

बता दें कि इस सनसनीखेज हत्याकांड में अदालत का फैसला करीब डेढ़ साल की कानूनी प्रक्रिया के बाद आया है। लंच के बाद दोनों को दोबारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश किया गया। इसके बाद अदालत ने सजा सुनाई। जेल प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, फैसला सुनते समय मुस्कान ने हाथ जोड़ रखे थे और बाद में रोने लगी। साहिल शुक्ला की आंखें भी नम हो गईं।

बता दें कि इससे पहले 30 सितंबर को अदालत ने मुस्कान और साहिल को हत्या का दोषी करार दिया था। अभियोजन पक्ष ने मुकदमे के दौरान 22 से अधिक गवाहों के बयान दर्ज कराए। इनमें कथित तौर पर हत्या में इस्तेमाल चाकू और शव छिपाने के लिए खरीदे गए नीले ड्रम से जुड़े गवाह भी शामिल थे।

पति की हत्या के बाद नीले ड्रम में छिपाया शव

अभियोजन पक्ष के मामले के अनुसार, मुस्कान रस्तोगी और साहिल ने मिलकर सौरभ राजपूत की हत्या की थी। हत्या के बाद शव के टुकड़े किए गए और उन्हें एक नीले ड्रम में डालकर छिपाया गया। घटना का खुलासा होने के बाद यह मामला देशभर में चर्चा का विषय बन गया था। वारदात की भयावहता और जांच के दौरान सामने आए तथ्यों ने लोगों को झकझोर दिया था।

126 तारीखों पर हुई सुनवाई

सौरभ राजपूत हत्याकांड का ट्रायल जुलाई 2025 में शुरू हुआ था। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाहों और अन्य साक्ष्यों के जरिए अपना पक्ष रखा। करीब 13 महीने चली अदालती प्रक्रिया में 126 तारीखों पर सुनवाई हुई। इसके बाद अदालत ने 30 सितंबर को दोनों को दोषी ठहराया और बुधवार को मृत्युदंड की सजा सुनाई।

सौरभ के परिवार ने की थी फांसी की मांग

सौरभ के परिजन शुरुआत से ही दोनों दोषियों के लिए मृत्युदंड की मांग कर रहे थे। सजा सुनाए जाने से पहले सौरभ की मां ने कहा था कि वह नवरात्र के दौरान पूजा-पाठ कर दोनों को फांसी की सजा मिलने की प्रार्थना कर रही हैं। सौरभ के भाई राहुल राजपूत ने भी कहा था कि परिवार न्याय के लिए अंत तक कानूनी लड़ाई लड़ेगा। फैसला उम्मीद के मुताबिक नहीं आने पर उन्होंने हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट जाने की बात कही थी।

प्रफुल्ल तिवारी
Written By

प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

आपको यह खबर कैसी लगी? शेयर करें

अपने दोस्तों और परिवार के साथ साझा करें