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एसआईआर पर विपक्ष का सुप्रीम कोर्ट का रुख : राहुल-अखिलेश समेत इंडी के नेताओं ने दायर की याचिका, चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उठाए सवाल

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Oct 12, 2026
03:43 PM
राहुल-अखिलेश समेत इंडी के नेताओं ने दायर की याचिका, चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उठाए सवाल

नई दिल्ली। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर विपक्षी दलों ने विरोध तेज कर दिया है। समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के अन्य नेताओं ने उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर करने की जानकारी देते हुए मामले में न्यायिक हस्तक्षेप की मांग की है। विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल हैं। उनका कहना है कि लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक के मतदान के अधिकार और चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता की रक्षा जरूरी है।

समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा कि विपक्षी नेताओं ने शीर्ष अदालत में याचिका दायर की है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव, राहुल गांधी और इंडिया गठबंधन लोकतंत्र की रक्षा के लिए उपलब्ध सभी संवैधानिक रास्तों का इस्तेमाल करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यादव ने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के संविधान और नागरिकों के मतदान के अधिकार को सुरक्षित रखना आवश्यक है। उनके अनुसार, किसी भी लोकतंत्र की मजबूती का आकलन वहां के चुनाव आयोग की निष्पक्षता, स्वतंत्रता और ईमानदारी से किया जाता है।

मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव डी. राजा ने भी अपनी पार्टी की ओर से याचिका दायर किए जाने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि एसआईआर को लेकर देश के विभिन्न हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। राजा ने मुख्य चुनाव आयुक्त की भूमिका पर सवाल उठाते हुए उनसे पद छोड़ने या उन्हें पद से हटाने की मांग की। उन्होंने उच्चतम न्यायालय से मामले पर विचार करने का आग्रह किया और कहा कि चुनाव आयोग की विश्वसनीयता लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है।

कांग्रेस नेताओं ने भी जताई चिंता

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि इंडिया गठबंधन के सहयोगियों ने इस मुद्दे पर न्यायालय का रुख किया है। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने भी नागरिकों के अधिकारों की रक्षा पर जोर देते हुए एसआईआर को रद्द करने की मांग की। विपक्षी नेताओं का कहना है कि मतदाता सूची से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि किसी भी पात्र मतदाता का अधिकार प्रभावित न हो।

आदित्य ठाकरे ने भी लगाए आरोप

मुंबई में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के विधायक आदित्य ठाकरे ने कथित मत चोरी के आरोप दोहराए। उन्होंने कहा कि विपक्ष राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को दस्तावेज और सबूत सौंपेगा। ठाकरे ने वर्ष 2024 में बनी केंद्र सरकार के निर्वाचन संबंधी घटनाक्रमों पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि सरकार कथित मत चोरी के जरिए सत्ता में आई।

विपक्षी दलों ने इस पूरे मामले में चुनाव आयोग की जवाबदेही तय करने और मतदाता सूची की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की मांग की है। हालांकि, चुनाव आयोग पर लगाए गए आरोप विपक्षी नेताओं के दावे हैं। इन आरोपों और याचिका पर न्यायालय का रुख तथा संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया मामले की आगे की दिशा तय करेगी।

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