काशी में गूंजा योग का संदेश : रविदास घाट पर ‘गंगोत्री से गंगा सागर’ अभियान से फैली सेहत और शांति की रोशनी

वाराणसी। काशी के पवित्र रविदास घाट पर बुधवार को एक भव्य योग जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहां ‘गंगोत्री से गंगा सागर’ राष्ट्रीय अभियान के तहत बड़ी संख्या में लोगों ने योगाभ्यास किया। गंगा के तट पर आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य योग को जन-जन तक पहुंचाना और लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था। सुबह से ही घाट पर योग साधकों, स्थानीय नागरिकों और युवाओं की भीड़ जुटने लगी। शांत वातावरण में सामूहिक योगाभ्यास ने पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।
गंगोत्री से गंगा सागर तक योग यात्रा का विस्तार
कार्यक्रम में उपस्थित उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री Dayashankar Mishra ने बताया कि यह विशेष योग अभियान गंगोत्री से शुरू होकर गंगा सागर तक पहुंचने की एक व्यापक यात्रा है। उन्होंने कहा कि आयुष मंत्रालय, आयुष मिशन और मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान के संयुक्त प्रयासों से यह अभियान चलाया जा रहा है। मंत्री ने बताया कि यह कार्यक्रम केवल एक आयोजन नहीं बल्कि एक जनआंदोलन का रूप ले रहा है, जिसका उद्देश्य हर व्यक्ति को योग से जोड़ना है।
गांव से शहर तक फैल रहा योग का संदेश
आयुष मंत्रालय और संबद्ध संस्थानों के सहयोग से चल रहे इस अभियान में योग को केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रखा गया है। कार्यक्रम के तहत नदी किनारों, अमृत सरोवरों, ग्रामीण क्षेत्रों, ऐतिहासिक धरोहर स्थलों, धार्मिक स्थलों और शहरों के पार्कों में योग सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यह अभियान समाज के हर वर्ग तक योग का संदेश पहुंचा रहा है।
गंगा किनारों पर आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव आयुष विभाग की महानिदेशक चैत्रवी ने जानकारी दी कि यह कार्यक्रम 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि ‘गंगोत्री से गंगा सागर’ श्रृंखला की शुरुआत 14 जून को गंगोत्री से की गई थी, जिसका उद्देश्य मां गंगा के उद्गम से लेकर समुद्र में विलय तक योग का संदेश पहुंचाना है। इस क्रम में पहले ऋषिकेश और हरिद्वार में कार्यक्रम आयोजित किए गए, इसके बाद प्रयागराज में भव्य योग आयोजन हुआ और अब वाराणसी के रविदास घाट पर यह कार्यक्रम संपन्न हुआ।
“योगा फॉर हेल्दी एजिंग” थीम पर विशेष जोर चैत्रवी ने बताया कि इस वर्ष की थीम “योगा फॉर हेल्दी एजिंग” है, जिसका उद्देश्य लोगों को उम्र बढ़ने के बावजूद स्वस्थ, सक्रिय और संतुलित जीवन जीने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि योग न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को मजबूत करता है, बल्कि मानसिक शांति और आध्यात्मिक संतुलन भी प्रदान करता है। उन्होंने “करें योग, रहें निरोग” के संदेश को दोहराते हुए कहा कि यह अभियान समाज में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने का एक प्रभावी माध्यम बन रहा है।
जनभागीदारी से बन रहा स्वास्थ्य का आंदोलन
कार्यक्रम के दौरान घाट पर मौजूद लोगों ने सामूहिक रूप से योगासन और प्राणायाम का अभ्यास किया। स्थानीय नागरिकों ने इस पहल को बेहद सकारात्मक बताया और कहा कि ऐसे आयोजन समाज में स्वास्थ्य और अनुशासन की भावना को मजबूत करते हैं। ‘गंगोत्री से गंगा सागर’ अभियान अब एक बड़े जनआंदोलन का रूप लेता दिखाई दे रहा है, जो आने वाले दिनों में पूरे देश में योग को नई पहचान देने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
