राम वन गमन पथ से लेकर सिंहस्थ 2028 तकः : सीएम ने धार्मिक और सांस्कृतिक को लेकर की बड़ी घोषणा, श्रीराम दरबार प्राण प्रतिष्ठा समारोह में हुए शामिल

उज्जैन। उज्जैन जिले के नागदा स्थित बालाजी धाम में आयोजित श्रीराम दरबार प्राण प्रतिष्ठा एवं ध्वज पूजन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के धार्मिक और सांस्कृतिक विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। इस अवसर पर कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गेहलोत भी विशेष रूप से मौजूद रहे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत किया गया।
500 वर्षों का संघर्ष हुआ पूर्ण, चित्रकूट बनेगा भव्य धार्मिक केंद्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य और दिव्य मंदिर निर्माण देश की आस्था और संकल्प का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप सरयू तट पर मंदिर का निर्माण हुआ और 500 वर्षों का लंबा संघर्ष समाप्त हुआ।
उन्होंने बताया कि भगवान श्रीराम ने अपने जीवन के महत्वपूर्ण 12 वर्ष चित्रकूट में बिताए थे। इसी कारण राज्य सरकार लगभग दो हजार करोड़ रुपये की लागत से चित्रकूट धाम को भव्य धार्मिक और पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित कर रही है। साथ ही प्रदेश में भगवान श्रीराम के वनगमन से जुड़े सभी स्थलों को “श्रीराम वन गमन पथ” के रूप में विकसित किया जा रहा है।
श्रीकृष्ण पाथेय और सिंहस्थ 2028 की तैयारियों पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े धार्मिक स्थलों को भी “श्रीकृष्ण पाथेय” परियोजना के तहत विकसित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सिंहस्थ 2028 को भव्य और दिव्य स्वरूप देने के लिए हजारों करोड़ रुपये के विकास कार्य तेजी से चल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि उज्जैन, इंदौर और आसपास के जिलों में अधोसंरचना विकास को नई गति मिली है। इंदौर-उज्जैन मेट्रोपोलिटन क्षेत्र में अब धार, नागदा और रतलाम को भी शामिल किया गया है, जिससे क्षेत्रीय विकास को और मजबूती मिलेगी।
दूध उत्पादन बढ़ाने और गौ-पालन को प्रोत्साहन देने का संकल्प
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने गौ-पालन और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजनाएं शुरू की हैं। डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के तहत 10 लाख रुपये तक के अनुदान का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रदेश का दूध उत्पादन 12 प्रतिशत है, जिसे बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। प्राकृतिक खेती और गौ-पालन को बढ़ावा देने के लिए प्रति गाय 1100 रुपये प्रतिमाह सहायता भी दी जाएगी।
विश्व शांति के लिए सनातन धर्म बना आशा का केंद्र
कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गेहलोत ने कहा कि वर्तमान समय में विश्व कल्याण और शांति की तलाश में दुनिया सनातन धर्म की ओर आशा भरी नजरों से देख रही है। उन्होंने डेलनपुर में निर्मित भव्य मंदिर की सराहना करते हुए इसे आध्यात्मिक जागरण का प्रतीक बताया।
कार्यक्रम में सांसद अनिल फिरोजिया सहित अनेक संत-महात्मा, विधायक, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
