शनिवार, 22 अगस्त 202607:18:37 PM
Download App
Home/देश

रालोद से माफी मांगे सपा, : अखिलेश के चवन्नी से रुपया वाले बयान पर मायावती का तीखा वार, पीडीए के मुद्दे पर भी घेरा

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Aug 22, 2026
06:25 AM
अखिलेश के चवन्नी से रुपया वाले बयान पर मायावती का तीखा वार, पीडीए के मुद्दे पर भी घेरा

लखनऊ। उत्तरप्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होना है। चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आता जा रहा है, वैसे ही सियासी हमले तेज होते जा रहे हैं। राजनीतिक दल मौका पाते ही एक दूसरे पर जमकर जुबानी हमले बोल रहे हैं। इसी क्रम में बसपा सुप्रीमो मायावती ने चवन्नी से रुपया वाले बयान पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को अपने निशाने पर लिया है। इस दौरान उन्होंने सपा की राजनीति पर जातिवाद और संकीर्णता का भी आरोप लगाया।

मायावती ने राष्ट्रीय लोकदल और उसके नेता को लेकर दिए गए ‘चवन्नी से रुपया बना दिया’ वाले बयान पर कड़ी आपत्ति हुए अखिलेश यादव से राष्ट्रीय लोकदल, उसके नेता, पूर्व प्रधानमंत्री चैधरी चरण सिंह के परिवार और जाट समाज से माफी मांगने की मांग की। मायावती ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी का रवैया केवल राजनीतिक विरोधियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सहयोगी दलों के प्रति भी उसका व्यवहार संकीर्ण रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसी राजनीति का नुकसान विपक्षी और धर्मनिरपेक्ष ताकतों को उठाना पड़ा, जिसका फायदा कई बार भारतीय जनता पार्टी को मिला।

बसपा सुप्रीमो ने पुराने राजनीतिक रिश्तों का किया उल्लेख

बसपा प्रमुख ने सपा और बसपा के पुराने राजनीतिक रिश्तों का भी उल्लेख किया। उन्होंने वर्ष 1993 में दोनों दलों के बीच हुए गठबंधन और बाद में पैदा हुए विवाद का जिक्र करते हुए 2 जून 1995 के लखनऊ स्टेट गेस्ट हाउस कांड को याद किया। मायावती ने इस घटना को अपने खिलाफ हुए गंभीर राजनीतिक षड्यंत्र से जोड़ते हुए सपा पर गंभीर आरोप लगाए।

2019 के गठबंधन पर भी साधा निशाना

मायावती ने वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान बने सपा-बसपा गठबंधन का भी हवाला दिया। उन्होंने कहा कि चुनाव परिणाम आने के बाद गठबंधन ज्यादा समय तक कायम नहीं रह सका। बसपा प्रमुख ने इसके लिए सपा नेतृत्व के कथित अहंकार और स्वार्थपूर्ण राजनीतिक रवैये को जिम्मेदार ठहराया।

पीडीए के मुद्दे पर भी घेरा

अखिलेश यादव के पीडीए को लेकर भी मायावती ने निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी अपने राजनीतिक हितों के मुताबिक पीडीए में शामिल ‘पी’ की अलग-अलग व्याख्या करती रही है। मायावती ने सपा की पूर्ववर्ती सरकारों के कामकाज पर भी सवाल उठाए।

उन्होंने आरोप लगाया कि सपा शासन के दौरान दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों के साथ-साथ सवर्ण समाज, खासकर ब्राह्मणों के हितों की पर्याप्त चिंता नहीं की गई। कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर भी उन्होंने सपा सरकारों को घेरा।

विधानसभा चुनाव से पहले सियासी हमला तेज

मायावती ने आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर जनता से समाजवादी पार्टी को सत्ता से दूर रखने की अपील की। उन्होंने सर्वसमाज से सपा की कथित संकीर्ण और जातिवादी राजनीति से सावधान रहने को कहा। मायावती के इस बयान से उत्तर प्रदेश की सियासत में एक बार फिर सपा और बसपा के बीच जुबानी जंग तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।

प्रफुल्ल तिवारी
Written By

प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

आपको यह खबर कैसी लगी? शेयर करें

अपने दोस्तों और परिवार के साथ साझा करें