मप्र में गेहूं खरीदी 9 से : छोटे-सीमांत किसानों के हित में मोहन कैबिनेट ने का बड़ा फैसला, भोपाल में खुलेगा एफटीआरआई

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए। इस बैठक में गेहूं खरीदी के संदर्भ में बड़ा फैसला लिया गया। मप्र में गेहूं खरीदी नौ अप्रैल से शुरू होगी और सबसे पहले छोटे तथा सीमांत किसानों की उपज खरीदी जाएगी। वहीं जन कल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों के लिए 16,720 करोड़ रुपये की स्वीकृति और वित्तीय प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान की स्थापना की स्वीकृति दी गई। इसके अलावा सरकार ने प्रदेश में वित्तीय प्रबंधन को लेकर राज्य सरकार ने भोपाल में फाइनेंशियल ट्रेनिंग एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट (एफटीआरआई) खोलने को भी मंजूरी दे दी है।
मंत्री चैतन काश्यप ने आगे बताया कि गेहूं की खरीदी जो 10 अप्रैल से निश्चित की गई थी, वह 9 अप्रैल से शुरू की जा रही है इसमें छोटे और सीमांत किसानों की उपज को पहले खरीदा जाएगा। इसके बाद में बड़े किसानों को अलग से तारीख दी जाएगी। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार से तय सीमा बढ़ाने के लिए आग्रह किया गया है।
19 लाख से अधिक किसानों ने कराया पंजीयन
उन्होंने आगे बताया कि 19 लाख 4000 किसानों ने पंजीयन कराया, जो पिछले वर्ष से साढ़े तीन लाख अधिक है। इस वर्ष 3627 उपार्जन केंद्र बनाए गए हैं तथा 2625 रुपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदी की जाएगी, जिसमें 40 रुपए बोनस राशि शामिल है जो राज्य सरकार दे रही है। गेहूं की खरीदी के लिए वारदाने की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। सभी जिलों में 9 अप्रैल से गेहूं की खरीदी शुरू हो जाएगी।
मप्र में अंबेडकर जयंती पर होंगे विशेष कार्यक्रम
बैठक में लिए गए निर्णय की जानकारी देते हुए मंत्री चैतन्य काश्यप ने बताया कि राज्य में अंबेडकर जयंती पर विशेष कार्यक्रम होंगे। 8 अप्रैल से 14 तक कार्यक्रम हर जिले में होंगे। अंबेडकर जयंती का समारोह हर जिले में होगा, राज्य स्तरीय समारोह भिंड में होगा। इसके साथ ही संत रविदास जयंती पर वर्ष 31 मार्च 27 तक सामाजिक समरसता के कार्यक्रम होंगे। इसके लिए कार्य योजना बनाई जाएगी।
मप्र में नए फोरलेन को मंजूरी
मंत्री काश्यप ने कहा कि पिछले दिनों में राज्य को नए फोरलेन की स्वीकृति हुई है, जिसमें सबसे महत्वपूर्ण इटारसी- बैतूल क्षेत्र है जो टाइगर कोरिडोर है, वहां 22 किलोमीटर की सड़क स्वीकृत हुई है, इसके साथ निवाड़ी और झांसी को जोड़ने वाले बाईपास को भी मंजूरी मिली है। पिछले दिनों ही तीन अप्रैल को उज्जैन में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन हुआ। इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में आईआईटी, इसरो के वैज्ञानिकों ने सहभागिता की। इस मौके पर उज्जैन को कई बड़ी सौगातें मिली।
25 प्रतिशत चना, 100 फीसदी मसूर खरीदेगी सरकार
कैबिनेट ने चना और मसूर की खरीदी को भी मंजूरी दी है। चने का भाव 5000 रुपए और मसूर का 5800 रुपए क्विंटल है। सरकार चने के कुल उत्पादन का 25 प्रतिशत खरीदी करेगी और मसूर का 100 फीसदी खरीदी करने का फैसला किया गया है। इसके लिए 3174 करोड़ रुपए की मंजूरी दी गई है। प्रदेश में गेहूं खरीदी 9 अप्रैल से शुरू होगी और पहले छोटे किसानों को खरीदी के लिए बुलाया जाएगा।
उज्जैन में एयरपोर्ट के लिए 590 करोड़ रुपए मंजूर
उज्जैन में सिंहस्थ को देखते हुए एयरपोर्ट विकसित करने राज्य सरकार ने 590 करोड़ रुपए की मंजूरी दी है। यह राशि एयरपोर्ट के लिए भूमि अधिग्रहण पर खर्च की जाएगी। केंद्र सरकार की उड़ान योजना के अंतर्गत यह एयरपोर्ट बनेगा और इसका काम केंद्र सरकार पूरा कराएगी। इसके बनने से सिंहस्थ के दौरान लोगों को आवागमन में सुविधा होगी।
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