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जीतू की बढ़ी मुकिश्लें : एमपी-एमएलए कोर्ट ने जारी किया गिरफ्तारी वारंट, लोकसभा चुनाव में बसपा प्रत्याशी के खिलाफ बयानबाजी पड़ी भारी

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Jul 01, 2026
06:11 AM
एमपी-एमएलए कोर्ट ने जारी किया गिरफ्तारी वारंट, लोकसभा चुनाव में बसपा प्रत्याशी के खिलाफ बयानबाजी पड़ी भारी

ग्वालियर। लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान दिए गए एक बयान ने मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। ग्वालियर की विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट ने बसपा प्रत्याशी देवाशीष जरारिया पर कथित तौर पर भाजपा से सांठगांठ और लेनदेन के आरोप लगाने के मामले में उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। अदालत ने भिंड पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिए हैं कि 27 जुलाई को होने वाली अगली सुनवाई में जीतू पटवारी की कोर्ट में उपस्थिति हर हाल में सुनिश्चित की जाए।

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सख्त टिप्पणी की। अदालत ने कहा कि जब जीतू पटवारी लगातार सार्वजनिक कार्यक्रमों और मीडिया में नजर आ रहे हैं, तब पुलिस का उन्हें तलाश नहीं पाना गंभीर सवाल खड़े करता है।

बसपा प्रत्याशी पर बयान बना कानूनी विवाद

पूरा मामला 27 अप्रैल 2024 का है। लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान जीतू पटवारी भिंड जिले के उमरी कस्बे में कांग्रेस प्रत्याशी फूल सिंह बरैया के समर्थन में चुनावी सभा को संबोधित करने पहुंचे थे। आरोप है कि इस दौरान उन्होंने कांग्रेस छोड़कर बसपा में शामिल हुए और भिंड-दतिया लोकसभा सीट से बसपा प्रत्याशी बने देवाशीष जरारिया पर बिना किसी प्रमाण के भाजपा से सांठगांठ और आर्थिक लेनदेन के आरोप लगाए। शिकायत में यह भी कहा गया कि उन्होंने सभा के दौरान आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया।

वीडियो जांच के बाद दर्ज हुई एफआईआर

देवाशीष जरारिया के निर्वाचन अभिकर्ता ने इस बयान की शिकायत उमरी थाने में दर्ज कराई थी। शिकायत के साथ चुनावी सभा की वीडियो सीडी भी पुलिस को सौंपी गई। वीडियो की जांच के बाद 4 मई 2024 को जीतू पटवारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस जांच में यह उल्लेख किया गया कि सभा के दौरान उन्होंने कहा था कि बसपा प्रत्याशी ष्बीजेपी से माल लेकर आए हैंष् और भाजपा से उनकी सांठगांठ होने का आरोप लगाया था।

नोटिस के बावजूद नहीं पहुंचे अदालत

मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने जीतू पटवारी को 16 जनवरी 2026 को पेश होने का नोटिस जारी किया था, लेकिन वह निर्धारित तिथि पर अदालत में उपस्थित नहीं हुए। इसके बाद सुनवाई के दौरान पुलिस ने अदालत को बताया कि उनका पता नहीं चल सका।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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