यूपीआई एमडीआर बड़ा फैसला, : अब दिवाली बाद व्यापारियों से वसूला जाएगा शुल्क, व्यापारिक संगठनों ने किया था अनुरोध

नई दिल्ली। त्योहारी सीजन में दुकानदारों के लिए राहत भरी खबर है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया ने मंगवाल को चुनिंदा मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) लागू करने का फैसला दिवाली के बाद तक टाल दिया है। हालांकि इसे लागू करने की निश्चित तारीख का ऐलान नहीं किया गया है।
एनपीआई ने अपने आधिकारिक बयान में कहा है कि यूपीआई एंड सर्विसेज स्टीयरिंग कमेटी ने त्योहारों के सीजन को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया है। अब यह शुल्क दिवाली के तुरंत बाद लागू किया जाएगा, हालांकि इसकी सटीक तारीख अलग से घोषित होगी। यह शुल्क सभी यूपीआई भुगतानों पर नहीं लगेगा, बल्कि तय शर्तों के तहत आने वाले कुछ कारोबारी लेनदेन पर ही लागू होगा।
नई व्यवस्था लागू करने की तारीख आगे बढ़ाने के लिए व्यापारी संगठनों, वित्तीय प्रौद्योगिकी कंपनियों और भुगतान कंपनियों ने निगम से अनुरोध किया था। इन संगठनों ने आशंका जताई थी कि त्योहारों के दौरान बिक्री बढ़ने के बीच अतिरिक्त भुगतान शुल्क से व्यापारियों की लागत बढ़ सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए नई व्यवस्था को दिवाली के बाद लागू करने का निर्णय लिया गया है।
गौरतलब है कि पिछले महीने यूपीआई संचालन समिति ने 2,000 से अधिक के चुनिंदा कारोबारी भुगतानों पर 0.4 प्रतिशत यानी 40 आधार अंकों की व्यापारी छूट दर निर्धारित की थी। यह व्यवस्था सभी यूपीआई भुगतानों पर लागू नहीं होगी, बल्कि इसके दायरे में आने वाले चुनिंदा कारोबारी लेनदेन पर ही प्रभावी होगी।
10,000 के भुगतान पर 40 का शुल्क
व्यापारी छूट दर वह शुल्क है, जो डिजिटल भुगतान की प्रक्रिया पूरी करने के लिए व्यापारियों से लिया जाता है। प्रस्तावित 0.4 प्रतिशत दर के हिसाब से 2,000 के भुगतान पर 8 रुपए और 10,000 के भुगतान पर 40 रुपए का शुल्क बनेगा। इस अतिरिक्त खर्च का बोझ व्यापारियों पर पड़ेगा।
सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि यह शुल्क केवल व्यापारियों से लिया जाएगा। व्यापारी किसी भी तरीके से इसका बोझ ग्राहकों पर नहीं डाल सकेंगे। यानी ग्राहकों से यूपीआई भुगतान के नाम पर अतिरिक्त रकम वसूलने की अनुमति नहीं होगी।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
