संदेशखाली में 2021 हिंसा का पुराना जख्म फिर खुला : कोर्ट के आदेश पर भाजपा कार्यकर्ता के कंकाल अवशेष कब्र से निकाले गए बाहर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के संदेशखाली में 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा से जुड़ा एक पुराना मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। करीब पांच साल पहले हिंसा में मारे गए एक भाजपा कार्यकर्ता के अवशेष को कब्र से बाहर निकाला गया है। अदालत के आदेश पर भाजपा कार्यकर्ता अस्तिक चन्द्र दास के कंकाल के अवशेष रविवार को बाहर निकाले गए। पुलिस के मुताबिक, यह प्रक्रिया मजिस्ट्रेट और परिवार की मौजूदगी में पूरी हुई। अवशेषों को पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच के लिए अस्पताल भेजा गया है। अब जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश होगी कि उनकी मौत किन परिस्थितियों में हुई थी।?
आस्तिक चंद्र दास संदेशखाली के झांझनिया गांव के रहने वाले थे। पुलिस के मुताबिक, 2021 विधानसभा चुनाव के नतीजे वाले दिन कथित तौर पर तृणमूल कांग्रेस समर्थकों ने विजय जुलूस निकाला था। इसी दौरान आस्तिक चंद्र दास पर हमला किए जाने का आरोप है। बताया गया कि हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। परिवार का दावा है कि उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाने की अनुमति नहीं दी गई और बाद में उनकी घर पर ही मौत हो गई।
परिवार का आरोप- बिना पोस्टमार्टम के दफनाया शव
परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि उनके घर के बाहर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी और उन्हें शव दफनाने के लिए मजबूर किया गया। परिवार के मुताबिक, उस समय शव का पोस्टमार्टम भी नहीं कराया गया था। राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद परिवार ने इस मामले में दोबारा शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद अदालत ने शव को कब्र से निकालने का आदेश दिया।
पोस्टमार्टम और फोरेंसिक जांच के लिए भेजे अवशेष
नजात थाने के एक अधिकारी ने बताया कि शव के अवशेष निकालने की पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी की गई। इसके बाद कंकाल के अवशेषों को पोस्टमार्टम और फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है। जांच के जरिए मौत की वजह और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों का पता लगाने की कोशिश की जाएगी। परिवार ने मामले की गहराई से जांच की मांग की है और जरूरत पड़ने पर सीबीआई जांच कराने की अपील भी की है। साथ ही जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, अदालत के निर्देश के बाद शव के कंकाल अवशेषों को मजिस्ट्रेट और मृतक के परिजनों की मौजूदगी में कब्र से निकाला गया। पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग भी कराई गई, ताकि जांच में पारदर्शिता बनी रहे।
admin
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
