सोमवार, 27 जुलाई 202610:03:23 PM
Download App
Home/देश

नीट विवाद पर संसद की तासीर अब भी गर्म : चर्चा पर अड़ा विपक्ष, हंगामे की भेंट चढ़ी राज्यसभा की कार्रवाई, दो बजे तक करनी पड़ी स्थगित

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Jul 27, 2026
07:32 AM
चर्चा पर अड़ा विपक्ष, हंगामे की भेंट चढ़ी राज्यसभा की कार्रवाई, दो बजे तक करनी पड़ी स्थगित

नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के दूसरे सप्ताह की शुरुआत भी तीखे राजनीतिक टकराव के साथ हुई। सोमवार को राज्यसभा और लोकसभा दोनों सदनों में विपक्ष के हंगामे के कारण कार्यवाही सुचारु रूप से नहीं चल सकी। पहले दोनों सदनों की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक और बाद में दो बजे तक स्थगित करनी पड़ी। विपक्ष ने नीट परीक्षा और कथित पेपर लीक मामले के साथ प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार को घेरते हुए तत्काल चर्चा की मांग की।

खड़गे ने उठाया छात्रों पर कार्रवाई का मुद्दा

राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि देश के इतिहास में पहली बार छात्रों और युवाओं के साथ इस तरह का व्यवहार देखने को मिला है। उन्होंने जंतर-मंतर पर NEET अभ्यर्थियों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाते हुए कहा कि यह अत्यंत गंभीर मामला है और सदन में इस पर तत्काल चर्चा होनी चाहिए। खड़गे ने नियम 267 के तहत नोटिस देकर सभी अन्य कार्य स्थगित कर इस विषय पर बहस कराने की मांग की।

सभापति ने नियमों का हवाला देकर मांग की खारिज

हालांकि राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने विपक्ष की मांग स्वीकार करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि इस विषय पर पहले भी निर्णय दिया जा चुका है और पूर्व सभापतियों ने भी नियम 267 के इस्तेमाल को सामान्य तौर पर स्वीकार नहीं किया है। सभापति ने स्पष्ट किया कि सदन की कार्यवाही नियमों के अनुसार ही चलेगी और केवल मांग किए जाने भर से नियमों को बदला नहीं जा सकता।

अत्यंत दुर्लभ परिस्थिति पर भी छिड़ी बहस

खड़गे ने दलील दी कि पूर्व में उपसभापति ने कहा था कि अत्यंत दुर्लभ परिस्थितियों में नियम 267 के तहत चर्चा कराई जा सकती है और छम्म्ज् विवाद ऐसा ही मामला है। इसके जवाब में सभापति ने कहा कि ऐसी स्थिति में भी पूरे सदन की सर्वसम्मति आवश्यक होती है। जब तक सभी दल सहमत नहीं होते, तब तक नियम 267 के तहत चर्चा संभव नहीं है।

हंगामे के बीच कार्यवाही बार-बार स्थगित

सभापति के फैसले के बाद विपक्षी सांसदों ने जोरदार विरोध शुरू कर दिया। नारेबाजी और हंगामे के कारण राज्यसभा की कार्यवाही पहले 12 बजे तक और फिर दोपहर दो बजे तक स्थगित करनी पड़ी। लोकसभा में भी विपक्ष ने इसी मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए हंगामा किया, जिसके चलते वहां भी कार्यवाही बाधित रही।

क्या है नियम 267?

राज्यसभा के नियम 267 के तहत किसी अत्यंत महत्वपूर्ण और तात्कालिक विषय पर सदन की सभी निर्धारित कार्यवाहियों को स्थगित कर केवल उसी मुद्दे पर चर्चा कराई जा सकती है। इस प्रक्रिया में चर्चा के बाद मतदान का भी प्रावधान होता है। यही वजह है कि विपक्ष छम्म्ज् विवाद पर इसी नियम के तहत तत्काल बहस चाहता है, जबकि सभापति ने संसदीय परंपराओं और पूर्व निर्णयों का हवाला देते हुए इसे स्वीकार करने से इनकार कर दिया।

प्रफुल्ल तिवारी
Written By

प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

आपको यह खबर कैसी लगी? शेयर करें

अपने दोस्तों और परिवार के साथ साझा करें