बलराम कृषि महोत्सव से किसानों पर बरसी राहत की फुहारे : सीएम मोहन ने 82.70 लाख के खातों में डाले 3308 करोड़, कहा- आधुनिक खेती से बढ़ाएं आमदनी

खंडवा । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को खंडवा में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव के दौरान प्रदेश के किसानों को बड़ी सौगात दी। मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तहत प्रदेश के 82 लाख 70 हजार से अधिक किसानों के बैंक खातों में 3308 करोड़ रुपए की राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से अंतरित की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, खेती को लाभ का व्यवसाय बनाने और कृषि को आधुनिक स्वरूप देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर लगाई गई उन्नत कृषि पर केंद्रित प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।
कृषि को आधुनिक और लाभदायी बनाने पर जोर
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बलराम कृषि महोत्सव केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि किसानों को नई तकनीक, वैज्ञानिक खेती और समृद्ध भविष्य से जोड़ने का व्यापक अभियान है। यह किसानों का अपना महोत्सव है और उन्हें इसमें बढ़-चढ़कर भाग लेकर इसका अधिकतम लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि परंपरागत खेती अब बीते दौर की बात है। आधुनिक और उन्नत कृषि का समय है। किसानों को अपने खेत की मिट्टी की जांच कराकर उसकी उत्पादकता के अनुरूप फसल का चयन करना चाहिए।

उन्होंने किसानों से रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से बचने और प्राकृतिक एवं जैविक खेती की ओर बढ़ने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि फसल विविधीकरण को अपनाकर किसान एक ही खेत में एक साथ अलग-अलग फसलें ले सकते हैं। इससे उत्पादन के साथ उनकी आय में भी वृद्धि होगी।
किसानों को एक साथ मिले 4000 रुपए
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार किसान कल्याण के लिए लगातार महत्वपूर्ण निर्णय ले रही है। किसान अपनी मेहनत और पसीने से धरती से अन्न पैदा करते हैं और देश की करोड़ों आबादी का पेट भरते हैं। किसानों के प्रति सरकार के मन में गहरा सम्मान है। उन्होंने कहा कि किसान भाइयों को आज एक साथ 4000 रुपए की सम्मान निधि उनके बैंक खातों में भेजी गई है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2026 को 'कृषक कल्याण वर्ष' के रूप में मनाया जा रहा है। इसी क्रम में प्रदेश के विभिन्न अंचलों में बलराम कृषि महोत्सव आयोजित किए जा रहे हैं। सरकार का लक्ष्य किसानों की आय को दोगुना करने की दिशा में ठोस प्रयास करना है।

65 लाख हेक्टेयर हुआ सिंचाई का रकबा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में सिंचाई का रकबा बढ़कर 65 लाख हेक्टेयर हो गया है, जबकि वर्ष 2002-03 से पहले यह 44 लाख हेक्टेयर था। पिछले ढाई वर्षों में ही सिंचाई क्षेत्र में 10 लाख हेक्टेयर से अधिक की वृद्धि हुई है। सरकार किसानों को बिजली, पानी, बेहतर सड़क, प्राकृतिक खेती और आधुनिक तकनीक से जोड़ रही है। किसान अब ड्रोन के माध्यम से खेतों में खाद और बीज का छिड़काव भी कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इसी वर्षाकाल के बाद किसानों को रात के साथ दिन में भी सिंचाई के लिए बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जाएगा। किसानों की आय बढ़ाने के लिए दुग्ध उत्पादन को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। प्रदेश में दूध उत्पादन की हिस्सेदारी को वर्तमान 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है।
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