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प्रधान को पद से हटाने की मांग पर अड़े राहुल : 10 जनपथ पर पीसी कर सरकार के खिलाफ बुलंद की आवाज, कहा- मांगों पर नहीं होगा कोई समझौता

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Jul 25, 2026
08:07 AM
10 जनपथ पर पीसी कर सरकार के खिलाफ बुलंद की आवाज, कहा- मांगों पर नहीं होगा कोई समझौता

नई दिल्ली। नीट पेपर लीक और परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियो को लेकर विपक्ष ने केन्द्र सरकार के खिलाफ सख्त रवैया अख्तियार कर लिया है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने दो टूक शब्दों में कह दिया है कि केन्द्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे से हमें कुछ भी कम मंजूर नहीं हैं। इतना ही नहीं उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से भी माफी मांग उठा दिया है।

राहुल ने शनिवार को 10 जनपथ में मीडिया को संबोधित करते हुए स्पष्ट शब्दों में कह दिया है कि छात्रों की मांग केवल सुझाव देने तक सीमित नहीं है, बल्कि उनकी सबसे अहम मांग शिक्षा मंत्री धमेन्द्र प्रधान को पद से हटाने की है। राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दे पर किसी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

प्रधानमंत्री के वीडियो संदेश पर उठाए सवाल

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया वीडियो संदेश का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार छात्रों की वास्तविक मांगों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सुझावों की बात कर रहे हैं, जबकि छात्र लगातार शिक्षा मंत्री को हटाने की मांग कर रहे हैं। राहुल ने कहा कि मुद्दा सुझावों का नहीं, बल्कि जवाबदेही तय करने का है।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार रात जारी अपने वीडियो संदेश में छात्रों और युवाओं से मिले सुझावों का स्वागत करते हुए सभी का आभार जताया था। उन्होंने कहा था कि युवाओं के सकारात्मक सुझावों से संवाद और मजबूत होगा।

तीन मांगों पर नहीं होगा कोई समझौता

राहुल गांधी ने प्रेस वार्ता में कहा कि छात्रों की तीन प्रमुख मांगें हैं और कांग्रेस इन सभी मांगों के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने कहा कि पहली मांग शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने की है। राहुल ने दावा किया कि यदि सरकार उन्हें केवल शिक्षा मंत्रालय से हटाकर किसी दूसरे मंत्रालय में भेजती है, तो यह छात्रों को स्वीकार नहीं होगा।

उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था में जो अनियमितताएं और विवाद सामने आए हैं, उनकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और इसके लिए धर्मेंद्र प्रधान को पद छोड़ना होगा।

छात्रों पर कार्रवाई करने वालों पर हो सख्त कदम

राहुल गांधी ने दूसरी मांग रखते हुए कहा कि आंदोलन के दौरान जिन छात्रों के साथ मारपीट, धमकी या दुर्व्यवहार किया गया, उन मामलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि दोषी अधिकारियों और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए तथा उन्हें कानून के तहत सजा मिले।

प्रधानमंत्री से मांगी सार्वजनिक माफी

राहुल गांधी ने अपनी तीसरी मांग में कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े पूरे घटनाक्रम के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। उनका कहना था कि देश के युवाओं के साथ जो कुछ हुआ है, उसकी नैतिक जिम्मेदारी सरकार और उसके नेतृत्व की है।

उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज को अनदेखा नहीं किया जा सकता और सरकार को उनकी मांगों पर गंभीरता से निर्णय लेना चाहिए। कांग्रेस का कहना है कि जब तक इन तीनों मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक वह छात्रों के मुद्दे को लगातार उठाती रहेगी।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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