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संसद में संग्राम जारी : विपक्षी शोर के चलते राज्यसभा की कार्यवाही 2 बजे तक स्थगित, लोकसभा में भी बने ऐसे हालात

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Aug 03, 2026
07:43 AM
विपक्षी शोर के चलते राज्यसभा की कार्यवाही 2 बजे तक स्थगित, लोकसभा में भी बने ऐसे हालात

नई दिल्ली। संसद के मानूसन सत्र के पहले दिन से जारी गतिरोध खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। अब तक की कार्यवाही विपक्ष के हंगामे की भेंट चढ़ गई है। सोमवार को भी ऐसा ही देखने को मिला। विपक्ष के जोरदार हंगामे ने लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही को बाधित किया। इतना ही नहीं बढ़ते शोर-शराबे के बीच राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन को कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी। लोकसभा में भी इसी तरह के हालात बने और वहां भी कार्यवाही तय समय तक नहीं चल सकी।

विपक्ष ने दोनों सदनों में छात्र प्रदर्शनों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई जैसे मुद्दों पर नियम 267 के तहत चर्चा कराने की मांग को लेकर विपक्षी सांसदों ने जमकर नारेबाजी की। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसद अपनी सीटों से उठकर सभापति के आसन के समीप पहुंच गए और नियम 267 के तहत चर्चा की मांग दोहराने लगे। सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने सदस्यों से अपनी-अपनी सीटों पर लौटने और सदन की कार्यवाही चलने देने की अपील की, लेकिन विपक्ष अपने रुख पर कायम रहा।

सभापति ने स्पष्ट किया कि नियम 267 के तहत दिए गए सभी नोटिस स्वीकार नहीं किए गए हैं। इस घोषणा के बाद विपक्ष का विरोध और तेज हो गया। कई सांसद हाथों में पोस्टर लेकर नारेबाजी करते नजर आए, जिस पर सभापति ने इसे संसदीय नियमों का उल्लंघन बताते हुए नाराजगी भी जताई।

विपक्ष का आरोप, गंभीर मुद्दों पर नहीं हो रही चर्चा

विपक्ष का कहना है कि हाल में हुए छात्र प्रदर्शनों, प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस बल के इस्तेमाल और उससे जुड़े अन्य मामलों पर सदन में तत्काल चर्चा होनी चाहिए। राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी कहा कि विपक्ष ने नियमानुसार नोटिस देकर चर्चा की मांग की है, लेकिन उसे स्वीकार नहीं किया गया।

हालांकि सभापति ने दोहराया कि पहले भी नियम 267 के तहत ऐसी मांगों को अनुमति नहीं दी गई थी और इस बार भी नियमों के अनुसार ही निर्णय लिया गया है।

मानसून सत्र में लगातार जारी है गतिरोध

संसद के मौजूदा मानसून सत्र में हंगामा लगातार विधायी कार्यों पर भारी पड़ रहा है। प्रश्नकाल और शून्यकाल का बड़ा हिस्सा विरोध-प्रदर्शन की भेंट चढ़ चुका है। सोमवार को भी दोनों सदनों में वही स्थिति देखने को मिली, जिससे महत्वपूर्ण संसदीय कामकाज प्रभावित हुआ। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार और विपक्ष के बीच गतिरोध कब खत्म होगा और सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चल सकेगी।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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