किसानों के लिए सरकार का बड़ा ऐलान : धान-ज्वार-बाजरा पंजीयन की तारीख तय, संदेश भेजकर दी जाएगी जानकारी

भोपाल। खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार और बाजरा बेचने वाले किसानों के लिए पंजीयन प्रक्रिया 15 सितंबर से शुरू होगी। किसान 10 अक्टूबर तक अपना पंजीयन करा सकेंगे। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने किसानों से अपील की है कि वे अंतिम तारीख का इंतजार किए बिना समय पर पंजीयन करा लें, ताकि उपज बेचते समय किसी तरह की परेशानी न हो।
प्रदेशभर में 1100 से ज्यादा केंद्र
सरकार ने किसान पंजीयन की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए प्रदेश में 1100 से अधिक केंद्र बनाए हैं। किसानों के लिए कुछ केंद्रों पर निःशुल्क पंजीयन की सुविधा उपलब्ध रहेगी। ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत और तहसील कार्यालयों में स्थापित सुविधा केंद्रों के अलावा सहकारी समितियों और सहकारी विपणन संस्थाओं के केंद्रों पर भी किसान बिना शुल्क पंजीयन करा सकेंगे। इसके अलावा मध्यप्रदेश ऑनलाइन कियोस्क, साझा सेवा केंद्र, लोक सेवा केंद्र और निजी साइबर कैफे के माध्यम से भी पंजीयन कराया जा सकेगा। इन केंद्रों पर प्रति पंजीयन अधिकतम 50 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है।
जमीन के कागजात और पहचान की होगी जांच
पंजीयन के दौरान किसानों को भूमि से जुड़े दस्तावेज, आधार कार्ड और अन्य फोटो पहचान पत्र उपलब्ध कराने होंगे। इन दस्तावेजों का परीक्षण करने के साथ रिकॉर्ड भी सुरक्षित रखा जाएगा। सिकमी, बटाईदार, कोटवार और वन पट्टाधारी किसानों के लिए पंजीयन की सुविधा केवल सहकारी समितियों तथा सहकारी विपणन संस्थाओं के केंद्रों पर उपलब्ध होगी। इन किसानों का राजस्व विभाग द्वारा शत-प्रतिशत सत्यापन किया जाएगा।
आधार से जुड़ा बैंक खाता जरूरी
समर्थन मूल्य पर बेची गई उपज की राशि प्राथमिकता के आधार पर किसान के आधार से जुड़े बैंक खाते में भेजी जाएगी। यदि किसी तकनीकी या अन्य कारण से इस खाते में भुगतान संभव नहीं हुआ तो पंजीयन के दौरान उपलब्ध कराए गए बैंक खाते में राशि भेजी जा सकेगी।
किसानों को पंजीयन के समय बैंक खाता संख्या और आईएफएससी कोड देना होगा। निष्क्रिय, संयुक्त तथा फिनो, एयरटेल और पेटीएम जैसे खातों को भुगतान के लिए मान्य नहीं किया जाएगा। सरकार ने किसानों से अपना बैंक खाता, आधार और मोबाइल नंबर आपस में जुड़ा और अद्यतन रखने की अपील की है।
किसानों को संदेश भेजकर दी जाएगी जानकारी
पिछले रबी और खरीफ मौसम में पंजीयन करा चुके जिन किसानों के मोबाइल नंबर उपलब्ध हैं, उन्हें संदेश के जरिए पंजीयन शुरू होने की सूचना दी जाएगी। गांवों में मुनादी कराने, ग्राम पंचायतों के सूचना पटल पर जानकारी लगाने और समितियों तथा मंडियों में सूचना संबंधी बैनर लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि पंजीयन से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी कर ली जाएं, ताकि किसानों को केंद्रों पर अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
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