बिहार एमएलसी चुनावः : भाजपा के गढ़ में आरजेडी की सेंध, नीरज कुमार की जीत से गदगद हुए तेजस्वी, ईसी पर लगाए गंभीर आरोप

पटना। उत्तर प्रदेश, बिहार, कर्नाटक और महाराष्ट्र की कुल 28 विधान परिषद (डस्ब्) सीटों के लिए मतगणना की प्रक्रिया जारी है। फिलहाल मिले-जुले नतीजे सामने आ रहे है। पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जेडीयू उम्मीदवार नीरज कुमार ने जीत दर्ज की है। नीरज कुमार की जीत से बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव गदगद हो गए हैं। इतना ही नहीं उन्होंने इस जीत को भाजपा के तीन दशक पुराने गढ़ में सेंध बताया है। उन्होंने कहा कि यह जीत पार्टी के लिए महत्वपूर्ण है और इससे शिक्षकों तथा स्नातकों से जुड़े मुद्दों को सदन में मजबूती से उठाने का अवसर मिलेगा।
30 साल पुराने गढ़ में जीत को बताया बड़ी उपलब्धि
तेजस्वी यादव ने बुधवार को कहा कि राजद लंबे समय से शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में जीत हासिल करने की कोशिश कर रहा था। इन क्षेत्रों में पार्टी का प्रतिनिधित्व नहीं होने के बावजूद कार्यकर्ताओं ने लगातार मेहनत की। उन्होंने इस जीत के लिए पार्टी नेताओं, कार्यकर्ताओं और राजद प्रत्याशी के समर्थन में मतदान करने वाले लोगों का आभार जताया।
तेजस्वी के मुताबिक, शिक्षा व्यवस्था, रोजगार और विश्वविद्यालयों की समस्याएं इन निर्वाचन क्षेत्रों के प्रमुख मुद्दे हैं। उन्होंने कहा कि निर्वाचित प्रतिनिधि सदन में शिक्षकों और स्नातकों की समस्याओं को मजबूती से उठाएंगे।
चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
जीत के बीच तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने मतगणना और परिणाम घोषित करने में कथित देरी तथा पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाया। उनका दावा है कि जिन तीन सीटों पर राजद के प्रत्याशी जीत नहीं सके, उनके परिणाम शाम छह बजे तक घोषित कर दिए गए, जबकि पार्टी के विजयी प्रत्याशी को देर रात तक प्रमाणपत्र नहीं मिला।
तेजस्वी ने आरोप लगाया कि ऐसी देरी से संदेह पैदा होता है और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने चुनाव आयोग पर भाजपा के इशारे पर काम करने का आरोप भी लगाया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
प्रफुल्ल तिवारी
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