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जल, संस्कृति और सतत विकास का महाकुंभ : भारत भवन में आज से शुरू होगा ‘सदानीरा समागम’, CM मोहन करेंगे शुभारंभ, 2 जून तक चलेगा आयोजन

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May 26, 2026
05:10 PM
भारत भवन में आज से शुरू होगा ‘सदानीरा समागम’, CM मोहन करेंगे शुभारंभ, 2 जून तक चलेगा आयोजन

भोपाल। जल संरक्षण, भारतीय संस्कृति और सतत विकास के मुद्दों पर राष्ट्रीय स्तर का विमर्श बुधवार से राजधानी भोपाल के भारत भवन में शुरू होने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 27 मई को ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के अंतर्गत आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं सांस्कृतिक उत्सव ‘सदानीरा समागम’ का शुभारंभ करेंगे। वीर भारत न्यास के तत्वावधान में आयोजित यह सात दिवसीय समागम 2 जून तक चलेगा, जिसमें देश-विदेश के विशेषज्ञ, वैज्ञानिक, शिक्षाविद, नीति-निर्माता और कलाकार भाग लेंगे। उद्घाटन समारोह में खेल एवं युवा कल्याण और सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री कृष्णा गौर और संस्कृति एवं पर्यटन राज्यमंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी उपस्थित रहेंगे।

पंचमहाभूतों पर होगा गहन मंथन

समागम का मुख्य केंद्र भारतीय दर्शन के पंचमहाभूत-जल, पृथ्वी, वायु, आकाश और अग्नि—रहेंगे। विभिन्न वैचारिक सत्रों में जल संरक्षण, भूगर्भीय जल स्रोतों, पर्यावरण संरक्षण, नवीकरणीय ऊर्जा और पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों पर विस्तृत चर्चा होगी। आयोजन में इसरो, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू), आईआईएम बोधगया सहित कई प्रतिष्ठित संस्थानों के प्रतिनिधि अपने विचार साझा करेंगे। विभिन्न कॉर्पोरेट समूहों के सीएसआर प्रमुख भी जल और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े अनुभव प्रस्तुत करेंगे।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियां बनेंगी आकर्षण का केंद्र

समागम में बौद्धिक विमर्श के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी विशेष श्रृंखला आयोजित की जाएगी। प्रतिदिन शाम को नृत्य-नाटिकाएं, लोकगायन और रंगमंचीय प्रस्तुतियां होंगी। भारतीय नौसेना बैंड की सिम्फनी, ‘गोवर्धन लीला’ तथा ‘गंगा यात्रा’ जैसी विशेष प्रस्तुतियां दर्शकों के लिए प्रमुख आकर्षण रहेंगी। आयोजन का उद्देश्य जल और संस्कृति के पारंपरिक संबंधों को रचनात्मक माध्यमों से समाज के सामने प्रस्तुत करना है।

प्रदर्शनियां और कला कार्यशालाएं भी होंगी

कार्यक्रम के दौरान ‘जल, जंगल, जीवन’ विषय पर राष्ट्रीय जनजातीय चित्रांकन कार्यशाला तथा पारंपरिक चित्र शैलियों में जल विषयक कला कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। देशभर के प्रतिष्ठित कलाकार इसमें हिस्सा लेंगे। वहीं मप्र विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, बरकतुल्ला विश्वविद्यालय और क्षेत्रीय प्राकृतिक विज्ञान संग्रहालय के सहयोग से जलचर जीवन, भूगर्भीय जल स्रोतों और जल गंगा संवर्धन अभियान पर आधारित विशेष प्रदर्शनियां भी लगाई जाएंगी।

पुस्तक लोकार्पण और संस्थाओं का सहयोग

समागम में जल और संस्कृति विषयक कई महत्वपूर्ण पुस्तकों का लोकार्पण भी किया जाएगा। आयोजन को सफल बनाने में भारत भवन, मध्यप्रदेश जनजातीय संग्रहालय, जनसंपर्क विभाग, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान, एलएनसीटी, सेज, सैम ग्लोबल यूनिवर्सिटी, केंद्रीय भूजल बोर्ड, नर्मदा समग्र और जिला प्रशासन भोपाल सहित अनेक संस्थाएं सहयोग कर रही हैं। यह आयोजन जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

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