महज 5 दिन के शीतकालीन सत्र पर गरगाई सियासत : सिंघार ने सरकार को लिया निशाने पर, कहा- इतने कम समय में कैसे देंगे जवाब

भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा के आगामी शीतकालीन सत्र को लेकर अधिसूचना जारी हो गई है। 5 से 11 दिसंबर तक चलने वाले इस सत्र को लेकर सियासत शुरू हो गई है। सत्र की अवधि महज पांच दिन होने को लेकर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार को अपने निशाने पर लिया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि इतने कम समय में प्रदेश की जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा और उनके जवाब मिल पाना संभव नहीं है।
सिंघार ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि एक तरफ लोकतंत्र बचाने की जाती है, वहीं दूसरी ओर विधानसभा की कार्यवाही के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया जाता उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता के सवालों का जवाब नहीं देना चाहती और केवल अनुपूरक बजट के लिए समय निकाल रही है। उन्होंने मांग की कि विधानसभा सत्र की अवधि बढ़ाई जानी चाहिए, ताकि प्रदेश के महत्वपूर्ण मुद्दों पर सार्थक चर्चा हो सके और सरकार को जनता के प्रति जवाबदेह बनाया जा सके।
जनता और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा चाहते हैं विधायक
उमंग सिंघार ने कहा कि विधानसभा लोकतंत्र का सबसे महत्वपूर्ण मंच है, जहां विधायक अपने क्षेत्र की समस्याओं और जनता से जुड़े मुद्दों को उठाते हैं। प्रदेश के विधायक किसानों, युवाओं, कर्मचारियों और आम नागरिकों की समस्याओं पर सरकार से जवाब चाहते हैं। लेकिन पांच दिन का सत्र इन सभी विषयों पर विस्तार से चर्चा के लिए पर्याप्त नहीं है।
किसान, कर्मचारी और शराब कांड पर सरकार को घेरने की तैयारी
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि विपक्ष विधानसभा में कर्मचारियों की समस्याओं, किसानों की परेशानियों, शराब कांड और प्रदेश की कानून व्यवस्था जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा करना चाहता है। इन विषयों पर सरकार से जवाब मांगा जाएगा, ताकि जनता के सामने वास्तविक स्थिति आ सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों से विधायक जनता की समस्याएं लेकर विधानसभा पहुंचते हैं, लेकिन कम अवधि के सत्र के कारण उन्हें अपनी बात रखने का पर्याप्त अवसर नहीं मिल पाएगा।
प्रफुल्ल तिवारी
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