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ट्विशा डेथ केस में बड़े अपडेट : जबलपुर सरेंडर करने पहुंचे समर्थ अब पुलिस कस्टडी में, सीबीआई जांच, दिल्ली AIIMS की टीम दोबारा करेगी पोस्ट मॉर्टम

अभिलाषा कनाडे

अभिलाषा कनाडे

May 22, 2026
01:52 PM
जबलपुर सरेंडर करने पहुंचे समर्थ अब पुलिस कस्टडी में, सीबीआई जांच, दिल्ली AIIMS की टीम दोबारा करेगी पोस्ट मॉर्टम

भोपाल । ट्विशा डेथ केस में शुक्रवार को बड़े अपडेट रहे। सीबीआई जांच के आदेश के बाद फरार आरोपी समर्थ ने जबलपुर हाईकोर्ट में अपनी अग्रिम जमानत याचिका वापिस ले ली। इसके बाद वे जबलपुर के ही जिला कोर्ट में सरेंडर करने पहुंच गए। उधर, ट्विशा डेथ केस में दोबारा पोस्टमॉर्टम के लिए दिल्ली एम्स की टीम को बुलावा भेजा गया है। साथ ही, बड़ा अपडेट यह है कि गिरिबाला सिंह के वकील इनोश जॉर्ज ने केस से खुद को अलग कर लिया है।

जबलपुर कोर्ट में सरेंडर करने पहुंचा समर्थ

शुक्रवार को हुए नाटकीय घटनाक्रम में मृतका ट्विशा के पति समर्थ सिंह ने जबलपुर हाईकोर्ट में लगाई गई अग्रिम जमानत याचिका वापिस ले ली। इस मामले में सोमवार को सुनवाई तय हो गई थी। लेकिन आज कोर्ट का रुख देखते हुए समर्थ के वकीलों ने याचिका वापिस लेकर सरेंडर करने की सलाह दी। इसके बाद समर्थ अपने वकीलों के साथ जबलपुर में ही जिला कोर्ट में सरेंडर करने के लिए पहुंच गए। समर्थ अपने सलाहकार वकीलों से आगे की रणनीति पर विचार ही कर रहा था कि जज ने समर्थ को ट्रायल कोर्ट (भोपाल कोर्ट जहां केस चल रहा है) में सरेंडर करने के लिए कहा। भनक लगते ही मीडिया का जमावड़ा लग गया और समर्थ मीडियाकर्मियों के कैमरे से बचता नजर आया। वह कैप और मास्क लगाया हुआ था।

जबलपुर में भोपाल पुलिस ने समर्थ को कस्टडी में लिया

जबलपुर कोर्ट में इस दौरान भोपाल पुलिस मौजूद रही। पूरा मामला भोपाल पुलिस कमिश्नर की देखरेख में चल रहा है। पुलिस कमिश्नर ने जबलपुर में एक टीम भेजी थी। कोर्ट से बाहर निकलते ही भोपाल पुलिस ने समर्थ को कस्टडी में ले लिया। उन्हें शनिवार को भोपाल कोर्ट में पेश करके भोपाल पुलिस पूछताछ के लिए रिमांड मांग सकती है।

एमपी सरकार सख्त, अब सीबीआई करेगी जांच

एमपी की मोहन यादव सरकार ने इस हाईप्रोफाइल मामले में सख्त एक्शन लेना शुरु कर दिया है। इस मामले को लेकर अब सीबीआई जांच करेगी। बता दे कि ट्विशा के परिजनों से सीएम मोहन यादव ने एक दिन पहले ही मुलाकात की थी। उन्होंने राज्यपाल मंगूभाई पटेल को भी आवेदन दिया था। इसके बाद जिला उपभोक्ता कोर्ट में जज और ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह को एमपी सरकार ने पद से हटा दिया है। वे ट्विशा डेथ केस में आरोपी बनाई गई हैं। एमपी सरकार की संवेदनशीलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हाईकोर्ट में ट्विशा के परिवार के पक्ष की पैरवी करने के लिए देश के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता वर्चुअली मौजूद रहे।

गिरिबाला सिंह के वकील का पैरवी से इनकार

ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह के वकील इनोश जॉर्ज ने नाटकीय रूप से खुद को इस केस से अलग कर लिया है। ये खबर बाहर तब आई जब समर्थ के जबलपुर में अग्रिम जमानत याचिका वापिस लेने की सूचना मिली। इसके तुरंत बाद भोपाल में मीडिया ने इनोश जॉर्ज से बात करने की कोशिश की। लेकिन वे मीडिया को धकियाते हुए और मीडिया पर चीखते हुए अपनी कार में बैठकर चले गए। वे मीडिया पर बिगड़ते रहे, लेकिन सवालों के जवाब नहीं दिया।

पीड़ित परिवार की जागी उम्मीद

सीबीआई जांच और समर्थ की हिरासत की खबर से ट्विशा के परिजनों में उम्मीद जागी है। वे ट्विशा की मौत के दिन के बाद से ही भोपाल में डटे हुए हैं। उनका साथ देने और हक की लड़ाई में परिवार के अन्य लोग भी भोपाल आ चुके हैं। वे लगातार पुलिस से संपर्क कर रहे हैं और मीडिया के जरिए इंसाफ की गुहार लगा रहे हैं। शुक्रवार को हुए घटनाक्रम के बाद उनकी उम्मीद जाग गई है। समर्थ से पुलिस पूछताछ और दूसरे पोस्टमॉर्टम के बाद उन्हें इस केस में नए तथ्य सामने आने की उम्मीद है।

अभिलाषा कनाडे
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अभिलाषा कनाडे

खबरी दुनिया की ऑल राउंडर। टीवी जर्नलिज़्म में एक दशक का सफर पूरा कर रही हैं। टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया का प्रगाढ़ अनुभव।

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