ग्वालियर में नाले की सफाई में लापरवाही उजागर : गंदगी देख जिम्मेदारों पर भड़के मोहन के मंत्री, एफआईआर तक की दी चेतावनी

ग्वालियर। ग्वालियर में उस समय हड़कंप मच गया जब मध्य प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर ने अचानक निरीक्षण के दौरान नगर निगम की लापरवाही को खुलकर उजागर कर दिया। शहर के चंदनपुरा, विनय नगर और शब्द प्रताप आश्रम क्षेत्रों के दौरे के दौरान मंत्री ने जन समस्याओं और चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा की।
निरीक्षण के क्रम में जब वे सिंधिया पार्क के पास स्थित पुराने नाले पर पहुंचे, तो वहां की स्थिति देखकर वे बेहद नाराज हो गए। नगर निगम के अधिकारियों ने दावा किया था कि नाले की पूरी तरह से सफाई कर दी गई है, लेकिन मौके पर वास्तविकता इससे बिल्कुल अलग नजर आई। नाले में भारी मात्रा में गंदगी, कचरा और अवरोध पाए गए, जिससे पानी का बहाव बुरी तरह प्रभावित हो रहा था।
20 दिन का दिया अल्टीमेटम
इस स्थिति पर ऊर्जा मंत्री ने सख्त लहजे में अधिकारियों को फटकार लगाई। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यह केवल लापरवाही नहीं बल्कि जनता की सुरक्षा और स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है। मंत्री ने निर्देश दिया कि पूरे नाले की सफाई सुपर सकर मशीन के माध्यम से की जाए और यह कार्य किसी भी स्थिति में 20 दिनों के भीतर पूरा होना चाहिए।
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि अगली बार निरीक्षण के दौरान इसी तरह की स्थिति पाई गई, तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यहां तक कि जरूरत पड़ने पर एफआईआर दर्ज कराने तक की बात उन्होंने स्पष्ट रूप से कही।
तोमर के सख्त रुख से अधिकारियों में हड़कंप
मंत्री तोमर के इस सख्त रुख के बाद नगर निगम अधिकारियों में हड़कंप की स्थिति देखी गई। मौके पर मौजूद अधिकारियों को तुरंत आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए। स्थानीय लोगों ने भी मंत्री के इस निरीक्षण और सख्ती का समर्थन करते हुए कहा कि लंबे समय से नाले की सफाई ठीक ढंग से नहीं हो रही थी, जिससे बारिश के समय जलभराव की समस्या का डर बना रहता है। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर शहर की सफाई व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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