अमेरिका के फैसले से शेयर बाजार में लौटी रौनक : सेंसेक्स बना रॉकेट, निफ्टी ने भी लगाई लंबी छलांग, निवेशकों की बल्ले-बल्ले, बैंकिंग और आईटी समेत कई बड़े शेयरों में तेजी

नई दिल्ली। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन घरेलू शेयर बाजार ने शानदार शुरुआत की। सोमवार सुबह कारोबार शुरू होते ही निवेशकों का भरोसा मजबूत दिखा और बाजार में जोरदार खरीदारी देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 600 अंकों से अधिक की छलांग लगाकर कारोबार करता नजर आया, जबकि निफ्टी भी करीब 180 अंकों की बढ़त के साथ खुला। वैश्विक स्तर पर तनाव कम होने के संकेत और कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट ने निवेशकों के उत्साह को बढ़ाया।
अमेरिका के फैसले से बदला बाजार का माहौल
शेयर बाजार में तेजी की सबसे बड़ी वजह अमेरिका की ओर से आया ताजा संकेत रहा। खबरों के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फिलहाल आगे सैन्य कार्रवाई रोकने का फैसला लिया है ताकि कूटनीतिक बातचीत के लिए माहौल बनाया जा सके। अमेरिकी राजदूत ने भी कहा कि विवाद का समाधान बातचीत के जरिए निकालने की कोशिश की जाएगी। इस खबर के बाद वैश्विक बाजारों में राहत का माहौल बना, जिसका असर भारतीय शेयर बाजार पर भी साफ दिखाई दिया।
सेंसेक्स और निफ्टी ने भरी लंबी छलांग
बंबई शेयर बाजार का 30 कंपनियों वाला सेंसेक्स अपने पिछले बंद 76,059 अंकों के मुकाबले बढ़त के साथ 76,608 पर खुला। कारोबार शुरू होने के कुछ ही मिनटों में यह 76,696 अंकों तक पहुंच गया। दूसरी ओर, राष्ट्रीय शेयर बाजार का प्रमुख सूचकांक निफ्टी भी पिछले बंद 23,767 अंकों की तुलना में 23,928 पर खुला और जल्द ही 23,964 अंकों के करीब पहुंच गया। शुरुआती कारोबार में दोनों प्रमुख सूचकांकों में मजबूत बढ़त दर्ज की गई।
इन बड़ी कंपनियों के शेयरों में दिखी सबसे ज्यादा तेजी
कारोबार की शुरुआत से ही कई दिग्गज कंपनियों के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। विमानन, सूचना प्रौद्योगिकी, वित्तीय सेवाओं और पेंट क्षेत्र की कंपनियों के शेयर तेजी के साथ कारोबार करते नजर आए। इसके अलावा वाहन, प्रौद्योगिकी और खुदरा कारोबार से जुड़ी कई प्रमुख कंपनियों के शेयरों में भी अच्छी बढ़त दर्ज की गई। बैंकिंग क्षेत्र के शेयरों ने भी बाजार को मजबूती देने में अहम भूमिका निभाई।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट बनी राहत की वजह
वैश्विक तनाव कम होने की खबर का असर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों पर भी पड़ा। कच्चे तेल के दाम 90 डॉलर प्रति बैरल से नीचे फिसल गए, जिससे महंगाई बढ़ने की आशंका कमजोर हुई। तेल सस्ता होने से भारत जैसे आयातक देशों के लिए राहत की स्थिति बनती है। यही वजह रही कि निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ और बाजार में खरीदारी का माहौल बना।
एशियाई बाजारों से भी मिला मजबूत संकेत
भारतीय बाजार को विदेशी बाजारों से भी सकारात्मक संकेत मिले। जापान, हांगकांग और ब्रिटेन के प्रमुख शेयर बाजार बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए। वहीं, घरेलू बाजार में उतार-चढ़ाव का संकेत देने वाला अस्थिरता सूचकांक भी करीब चार प्रतिशत गिरकर 13 के आसपास पहुंच गया। इससे साफ है कि निवेशकों के बीच घबराहट कम हुई है और बाजार में भरोसा लौटता दिखाई दे रहा है।
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