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अररिया। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार के अररिया में गुरुवार को घुसपैठ के मुद्दे पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि देश को घुसपैठियों से मुक्त कराना कोई चुनावी वादा नहीं, बल्कि केंद्र सरकार का दृढ़ संकल्प है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “हम एक-एक घुसपैठिए को भारत की भूमि से चुन-चुनकर बाहर करेंगे। यह सिर्फ घोषणा नहीं, बल्कि जल्द शुरू होने वाली ठोस कार्रवाई है।”
केंद्रीय गृह मंत्री अररिया जिले में भारत-नेपाल सीमा पर स्थित बॉर्डर आउट पोस्ट ‘लेटी’ और ‘इंदरवा’ के उद्घाटन तथा एसएसबी के विभिन्न कार्यों के ई-लोकार्पण और ई-शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने सीमा सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की विस्तार से जानकारी दी।
सड़क निर्माण से सीमा की निगरानी में होगी वृद्धि
अमित शाह ने बताया कि भारत-नेपाल सीमा सड़क योजना के तहत 556 किलोमीटर लंबी बॉर्डर रोड को स्वीकृति दी गई है। इस परियोजना के 18 खंडों में से 14 खंडों का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि शेष चार खंडों में निर्माण कार्य तेज गति से चल रहा है। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण पूरा होने से सीमा पर निगरानी क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। साथ ही सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले नागरिकों को बेहतर आवागमन और विकास योजनाओं का लाभ भी मिलेगा।
एसएसबी के जवानों को सराहा
एसएसबी के जवानों की सराहना करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि वे देश की सीमाओं की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत-नेपाल सीमा एक मित्र देश के साथ लगती है और दोनों देशों के संबंध सौहार्दपूर्ण हैं, लेकिन यह भी आवश्यक है कि देशविरोधी तत्व इस मैत्रीपूर्ण सीमा का दुरुपयोग न कर सकें। इसके लिए सीमा बल को सतर्क रहने और अपने खुफिया तंत्र को मजबूत बनाए रखने की जरूरत है।
सीमा से अतिक्रमण हटाने दिए निर्देश
उन्होंने जोर देकर कहा कि सीमावर्ती गांवों में जवानों और अधिकारियों का स्थानीय लोगों से बेहतर संवाद होना चाहिए। गांवों से समय पर और सही सूचना मिलने पर घुसपैठ की घटनाओं को प्रभावी ढंग से रोका जा सकता है। अमित शाह ने घोषणा की कि सीमा से 10 किलोमीटर के दायरे में जितने भी अवैध अतिक्रमण हैं, उन्हें अभियान चलाकर हटाया जाएगा। साथ ही घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें भारत से बाहर भेजने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि जनसांख्यिकीय परिवर्तन से पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार के कई इलाके प्रभावित हुए हैं।
उन्होंने सीमांचल की जनता से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि घुसपैठिए केवल चुनाव को प्रभावित नहीं करते, बल्कि गरीबों के राशन में हिस्सेदारी लेते हैं, युवाओं के रोजगार के अवसर कम करते हैं और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बनते हैं। गृह मंत्री ने विश्वास जताया कि सीमांचल क्षेत्र में जल्द ही व्यापक अभियान शुरू किया जाएगा, जिससे सीमा सुरक्षा और आंतरिक व्यवस्था दोनों को मजबूत किया जा सके।
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