ट्विशा शर्मा हाईप्रोफाइल केस : SIT ने रातभर समर्थ से दागे सवाल, जवाब में विरोधाभास होने से गहराया शक, आगे की कार्रवाई पर टिकी नजर

भोपाल। राजधानी भोपाल के हाईप्रोफाइल ट्विशा शर्मा संदिग्ध मौत मामले में उनके पति अधिवक्ता समर्थ सिंह को कटारा हिल्स थाने में देर रात तक रखा गया। इस दौरान थाने के बाहर भारी सुरक्षा व्यवस्था की गई और बैरिकेडिंग लगाकर आम लोगों व मीडिया के प्रवेश को पूरी तरह रोक दिया गया। थाने के भीतर और बाहर समान रूप से पुलिस बल तैनात रहा, जबकि अतिरिक्त पुलिस बल भी अन्य थानों से बुलाया गया।
पूरी रात वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, क्राइम ब्रांच के अफसर और एसआईटी प्रमुख एसीपी रजनीश कश्यप थाने में मौजूद रहे। सुबह लगभग चार बजे तक पूछताछ का सिलसिला चलता रहा।
वकीलों की मौजूदगी, लेकिन गोपनीय बातचीत नहीं
समर्थ सिंह से मिलने के लिए उनके दो वकील देर रात थाने पहुंचे, लेकिन पुलिस ने किसी भी प्रकार की गोपनीय बातचीत की अनुमति नहीं दी। समर्थ सिंह की मां गिरिबाला सिंह, जो स्वयं पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश रह चुकी हैं और इस मामले में आरोपी भी हैं, थाने नहीं पहुंचीं। पुलिस ने समर्थ सिंह को सुबह चाय और नाश्ता उपलब्ध कराया, लेकिन घर से लाए गए खाने की अनुमति नहीं दी गई।

फरारी और घटनाक्रम पर पुलिस के सवाल
पूछताछ के दौरान पुलिस ने 12 मई की घटना से जुड़े कई अहम सवाल किए। इसमें ट्विशा शर्मा को ब्यूटी पार्लर ले जाने के बाद की गतिविधियां, घर लौटने पर उनकी दिनचर्या, और आत्महत्या की जानकारी सबसे पहले किसे मिली-इन सभी बिंदुओं पर विस्तार से पूछताछ की गई।
पुलिस ने यह भी जानने की कोशिश की कि घटना के बाद सबसे पहले क्या कदम उठाए गए, किसने पुलिस को सूचना दी और सूचना देने में कितना समय लगा। इसके अलावा गिरिबाला सिंह की भूमिका और उनके बयान भी जांच के दायरे में रहे।
फरारी के दौरान मदद और संपर्कों की जांच
एसआईअी चीफ प्रमुख रजनीश कश्यप के अनुसार, जांच टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि फरारी के दौरान समर्थ सिंह को किन लोगों ने मदद की, वह किन स्थानों पर छिपे रहे और किस रास्ते से यात्रा की। इसके साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि उन्होंने इस दौरान किन लोगों से संपर्क किया। पुलिस को शक है कि कई महत्वपूर्ण जानकारी अभी भी सामने नहीं आई है, जिसके लिए रिमांड की आवश्यकता होगी।

बयान में विरोधाभास, रिमांड की संभावना
पूछताछ में समर्थ सिंह ने कई सवालों के जवाब देने से बचने की कोशिश की और अपनी पत्नी की आत्महत्या तथा झूठे फंसाए जाने का तर्क दिया। पुलिस के अनुसार उनके बयान कई बिंदुओं पर गिरिबाला सिंह के सार्वजनिक बयानों से मेल खाते हैं, लेकिन कई जगह विरोधाभास भी पाए गए हैं। इन्हीं विरोधाभासों को स्पष्ट करने के लिए पुलिस तीन दिन की रिमांड मांग सकती है।
जमानत और कानूनी प्रक्रिया पर वकील का बयान
गिरिबाला सिंह के वकील ज्ञानेंद्र शर्मा ने कहा कि जमानत याचिका के बाद उसे निरस्त करने की याचिका भी दाखिल की गई है, जिस पर कोर्ट ने नोटिस जारी किया है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि पुलिस बयान दर्ज कराने के लिए बुलाएगी तो वे सहयोग करेंगे।
उन्होंने स्पष्ट किया कि समर्थ सिंह की जमानत के लिए आवेदन दाखिल करना उनका कानूनी अधिकार है। साथ ही उन्होंने परिवार की स्थिति को बेहद संवेदनशील और दुखद बताया।
आगे की कार्रवाई पर नजर
अब इस मामले में समर्थ सिंह को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड की मांग की जाएगी। जांच एजेंसियां इस हाईप्रोफाइल केस में हर पहलू को खंगाल रही हैं और आने वाले दिनों में कई अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
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