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महाकाल की भस्म आरती का दिव्य लाभ लेने उमड़े भक्त : अलसुबह खुले बाबा महाकाल के कपाट, जयकारों से गूंजा मंदिर परिसर

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Jun 13, 2026
06:05 AM
अलसुबह खुले बाबा महाकाल के कपाट, जयकारों से गूंजा मंदिर परिसर

उज्जैन। विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में शनिवार को ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष त्रयोदशी के अवसर पर भगवान महाकाल की पारंपरिक भस्म आरती श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में संपन्न हुई। तड़के मंदिर के कपाट खुलने के साथ ही भक्तों की लंबी कतारें दर्शन के लिए उमड़ पड़ीं। मंदिर परिसर में घंटियों की मधुर ध्वनि, शंखनाद और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूरा वातावरण शिवमय हो गया।

पंचामृत अभिषेक के बाद हुआ दिव्य श्रृंगार

प्रातःकालीन पूजा-विधि के दौरान भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया गया। इसके बाद दूध, दही, घी, शक्कर और फलों के रस से तैयार पंचामृत से अभिषेक संपन्न हुआ। पूजन के पश्चात बाबा महाकाल को बेलपत्र, रुद्राक्ष की माला और आकर्षक मुकुट अर्पित कर विशेष श्रृंगार किया गया। दिव्य स्वरूप में सजे भगवान महाकाल के दर्शन पाकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।

भस्म आरती में शामिल होने उमड़े श्रद्धालु

महाकाल की भस्म आरती के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु देर रात से ही मंदिर पहुंचने लगे थे। आरती प्रारंभ होते ही पूरा परिसर “हर-हर महादेव” और “जय श्री महाकाल” के जयघोष से गूंज उठा। देश के विभिन्न राज्यों के अलावा विदेशों से आए भक्तों ने भी इस अलौकिक आरती का लाभ लिया।

मंदिर परंपरा के अनुसार भस्म आरती से पहले निर्धारित धार्मिक विधियों का पालन किया गया। इसके बाद पुजारियों द्वारा महाआरती संपन्न कराई गई, जिसमें उपस्थित श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से सहभागिता की।

विशेष भस्म से होती है आरती

मंदिर प्रशासन के अनुसार वर्तमान में भस्म आरती के लिए विशेष रूप से तैयार की गई पवित्र भस्म का उपयोग किया जाता है। यह भस्म कपिला गाय के गोबर और विभिन्न औषधीय जड़ी-बूटियों से तैयार की जाती है। आरती में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं के लिए निर्धारित पारंपरिक वेशभूषा का पालन भी आवश्यक है।

आस्था और परंपरा का अद्भुत संगम

श्री महाकालेश्वर मंदिर की भस्म आरती देश-विदेश में अपनी विशिष्ट धार्मिक परंपरा के लिए प्रसिद्ध है। प्रतिदिन होने वाली यह आरती शिवभक्तों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी रहती है। भक्तों का मानना है कि बाबा महाकाल के दर्शन और भस्म आरती का साक्षी बनना जीवन का अत्यंत पुण्यदायी और आध्यात्मिक अनुभव है।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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