सिकल सेल उन्मूलन : महामहिम ने मप्र की उपलब्धि को सराहा को, देश में अब सात करोड़ लोगों स्क्रीनिंग का दावा

खंडवा-ओंकारेश्वर। भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु इन दिनों में मप्र के दौरे पर हैं। यात्रा के दूसरे दिन यानि शुक्रवार को वह विश्व सिकल सेल दिवस के अवसर पर खंडवा जिले के ओंकारेश्वर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में शामिल हुई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुर्मु ने सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन के लिए देश और राज्य स्तर पर किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन के तहत निर्धारित स्क्रीनिंग का लक्ष्य समय से पहले पूरा कर लिया गया है, जो एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।
राष्ट्रपति ने बताया कि वर्ष 2023 में मिशन की शुरुआत के समय देश के सामने जो लक्ष्य रखे गए थे, उनमें से एक प्रमुख लक्ष्य बड़े पैमाने पर स्क्रीनिंग-समय से पहले ही हासिल कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि नवजात शिशुओं से लेकर 40 वर्ष तक की आयु के लगभग 7 करोड़ लोगों की स्क्रीनिंग पूरी हो चुकी है, जो वैश्विक स्तर पर आनुवंशिक रोगों की जांच के क्षेत्र में एक बड़ी पहल है। इसमें मध्य प्रदेश का योगदान विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा है, जहां अब तक सवा करोड़ से अधिक लोगों की जांच की जा चुकी है।
मिशन को बताया परिवर्तन से जुड़ा व्यापक अभियान
राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि स्क्रीनिंग के साथ-साथ बड़ी संख्या में लोगों को जेनेटिक काउंसलिंग कार्ड भी प्रदान किए गए हैं, जिससे समय रहते रोग की पहचान और प्रबंधन संभव हो सका है। उन्होंने इस मिशन को केवल स्वास्थ्य कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता और व्यवहार परिवर्तन से जुड़ा एक व्यापक अभियान बताया।
सिकल सेल बीमारी से प्रभावित हैं लाखों लोग
उन्होंने कहा कि इस मिशन के पीछे आईसीएमआर, ट्राइबल हेल्थ रिसर्च इंस्टीट्यूट, एम्स, एनएचएम, डब्ल्यूएचओ और विभिन्न राज्य सरकारों के वैज्ञानिक अध्ययन और शोध का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। इन अध्ययनों से यह स्पष्ट हुआ है कि भारत में लगभग 2 से 2.5 करोड़ लोग सिकल सेल जीन के वाहक हो सकते हैं, जबकि लाखों लोग इस बीमारी से प्रभावित हैं। विशेष रूप से मध्य भारत की जनजातीय आबादी में इसका प्रभाव अधिक पाया गया है।
राष्ट्रपति ने मिशन तीन प्रमुख मिशनों का किया उल्लेख
राष्ट्रपति ने मिशन के तीन प्रमुख आयामों-जागरूकता और विवाह पूर्व जेनेटिक काउंसलिंग, व्यापक स्क्रीनिंग और रोग प्रबंधन की निरंतरता का उल्लेख करते हुए कहा कि यह पहल सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक नया मॉडल प्रस्तुत करती है। उन्होंने यह भी बताया कि देश में पहली बार इतनी बड़ी आबादी की आनुवंशिक स्क्रीनिंग डिजिटल ट्रैकिंग के साथ की जा रही है।
मप्र में अब तक 1.32 करोड़ लोगों की स्क्रीनिंगः सीएम मोहन
कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए इस मिशन के तहत राज्य ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने बताया कि राज्य में अब तक 1 करोड़ 32 लाख लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। गर्भवती महिलाओं की विशेष जांच, परामर्श और उपचार की व्यवस्था की गई है, ताकि आने वाली पीढ़ियों को इस रोग से सुरक्षित रखा जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार चार मोर्चों पर एक साथ काम कर रही है-स्क्रीनिंग, जागरूकता, उपचार और जेनेटिक काउंसलिंग। उन्होंने विश्वास जताया कि मिशन की सफलता से भविष्य की पीढ़ियां सिकल सेल एनीमिया जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित रहेंगी।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
