सीजेपी का हल्लाबोल : प्रदर्शनकारी पहुंचे संसद भवन के गेट तक, पुलिस पर बरसाए, पुलिस ने दागे आंसू गैस के गोल

नई दिल्ली। नीट पेपर लीक मामले और देश में बढ़ती बेरोजगारी के विरोध में कॉकक्रोच जनता पार्टी (सीजेपी) का संसद मार्च सोमवार को राजधानी दिल्ली में तनाव का कारण बन गया। इतना ही नहीं सीजेपी के प्रदर्शनकारी संसद भवन तक पहुंच गए हैं। जिसकी वजह से संसद भवन के मुख्य गेट को बंद करना पड़ा। साथ संसद भवन की सुरक्षा व्यवस्था को और चाक चैबंद कर दिया गया। वहीं प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे हैं। साथ ही यहां पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया है।
50 से ज्यादा आंसू गैस के गोले छोड़े
दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर 50 से ज्यादा आंसू गैस के गोले पुलिस ने छोड़े हैं। वहीं प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पत्थर भी फेंके हैं। साथ ही वहीं पर धरने पर बैठ गए और एसबीआई के पास धरना प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। हैं। वहीं संसद के मानसून सत्र को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर, संसद मार्ग, सेंट्रल विस्टा, कनॉट प्लेस और आसपास के संवेदनशील इलाकों में तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की। पुलिस बल, अर्धसैनिक बल और रैपिड रिस्पॉन्स टीमों को तैनात किया गया ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। सुरक्षा के मद्देनजर संसद परिसर के कई प्रवेश द्वारों पर निगरानी बढ़ा दी गई।
धारा 163 लागू, बिना अनुमति मार्च पर रोक
नई दिल्ली जिले के पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि संसद मार्च के लिए किसी प्रकार की अनुमति नहीं दी गई थी। मानसून सत्र के दौरान भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 लागू होने के कारण पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने, जुलूस निकालने और प्रदर्शन करने पर प्रतिबंध है। केवल जंतर-मंतर पर पूर्व अनुमति के साथ शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति दी गई है। पुलिस ने चेतावनी दी कि आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
रेल भवन तक पहुंचे प्रदर्शनकारी, आंसू गैस का इस्तेमाल
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोग मेट्रो स्टेशनों से निकलकर पैदल रेल भवन की ओर बढ़ गए। प्रदर्शनकारी विजय चैक और रेल भवन तक पहुंच गए, जिसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की और झड़प की स्थिति बन गई। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लगातार अनाउंसमेंट कर भीड़ को पीछे हटने की अपील की। करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर किया।
संसद परिसर बना सुरक्षा किला
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए संसद भवन के कुछ प्रवेश द्वार एहतियातन बंद कर दिए गए और सीआरपीएफ, संसद सुरक्षा बल तथा अन्य सुरक्षा एजेंसियों की अतिरिक्त तैनाती की गई। दिल्ली पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे कानून का पालन करें और किसी भी अनधिकृत प्रदर्शन या मार्च का हिस्सा बनने से बचें। फिलहाल पूरे घटनाक्रम पर सुरक्षा एजेंसियां लगातार नजर बनाए हुए हैं।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
