मप्र से रूठा मानसून : बारिश की रफ्तार थमने और तूज धूप ने परेशानी को किया डबल, अगले पांच दिनों तक बारिश के नहीं आसार

भोपाल। मध्य प्रदेश से मानसून रूठ गया है। बीते करीब एक सप्ताह से सूबे के अधिकांश जिले सूखे हैं। इतना ही नहीं, बारिश की रफ्तार अचानक थमने से गर्मी ने अपना रूप दिखाना शुरू कर दिया है। तेज धूप और उमस ने लोगों की परेशानी को दोगुना कर दिया है। एक ओर जहां बारिश न होने से अन्नदाताओं के माथे पर सिहरन आ गई है, तो वही कई शहरों में अधिकतम तापमान 35 से 36 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। मौसम विभाग की मानें तो अगले पांच दिनों तक प्रदेश में भारी बारिश की संभावना कम है। कुछ इलाकों में बादल छाने और हल्की बूंदाबांदी हो सकती है, लेकिन फिलहाल झमाझम बारिश के आसार नहीं हैं।
बारिश का ग्राफ सामान्य से नीचे, पूर्वी एमपी सबसे ज्यादा प्रभावित
मानसून की सुस्ती का असर बारिश के आंकड़ों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। अब तक प्रदेश में 241.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई है, जबकि इस अवधि तक सामान्य तौर पर 260 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी। यानी प्रदेश फिलहाल सामान्य से करीब 7 प्रतिशत पीछे चल रहा है। पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, सागर, शहडोल और रीवा संभाग में स्थिति ज्यादा खराब है, जहां औसत से 21 प्रतिशत कम बारिश हुई है। वहीं पश्चिमी मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम और ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में भी बारिश सामान्य से 6 प्रतिशत कम दर्ज की गई है।
21 जिलों में हल्की बारिश के आसार, बाकी इलाकों में गर्मी बरकरार
मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को इंदौर, उज्जैन, रतलाम, धार, झाबुआ, आलीराजपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी, शहडोल, सतना, रीवा, सीधी, सिंगरौली समेत 21 जिलों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। हालांकि राजधानी भोपाल सहित प्रदेश के अधिकांश जिलों में गर्मी और उमस का असर बना रहेगा। रायसेन, सीहोर, विदिशा, नर्मदापुरम, बैतूल, ग्वालियर, मुरैना, दतिया, शिवपुरी, गुना, जबलपुर, सागर और छतरपुर सहित कई जिलों में दिन का तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है।
देवास में मेहरबान मानसून, आलीराजपुर सबसे सूखा
प्रदेश में अब तक सबसे अधिक बारिश देवास जिले में हुई है, जहां सामान्य से 102 प्रतिशत ज्यादा पानी बरस चुका है और करीब 18 इंच वर्षा दर्ज की गई है। हरदा, इंदौर, सीहोर और भोपाल में भी अच्छी बारिश हुई है। इसके विपरीत आलीराजपुर में मानसून सबसे ज्यादा कमजोर रहा है। यहां अब तक केवल करीब सवा दो इंच बारिश हुई है, जो सामान्य से 74 प्रतिशत कम है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जुलाई के दूसरे पखवाड़े में मानसून सक्रिय नहीं हुआ तो प्रदेश में बारिश की कमी और बढ़ सकती है, जिसका असर खेती और जल स्रोतों पर भी पड़ सकता है।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
