सोरेन सरकार की अभी और मुश्किलें बढ़ाएंगे महतो : प्रेस कान्फ्रेंस में भरी हुंकार, कहा- असली मगरमच्छों को पकड़ना जरूरी

रांची। झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों ने 24 दिन बाद आंदोलन खत्म कर दिया है। सरकार से आश्वासन मिलने के बाद छात्रों ने आंदोलन तो खत्म कर दिया है, लेकिन उनका आक्रोश अब भी शांत नहीं हुआ है। छात्र नेता देवेन्द्र महतो ने मंगलवार को प्रेस कान्फ्रेंस कर दो टूक कहा कि पहला चरण भले ही सफल रहा हो, लेकिन असली लड़ाई अभी बाकी है। अब सरकार से सिर्फ घोषणाएं नहीं, बल्कि पेपर लीक रोकने की पक्की गारंटी और शिक्षा व्यवस्था में ठोस सुधार चाहिए।
महतो ने सवाल उठाया कि परीक्षाएं रद्द करना समाधान नहीं, आखिर दोबारा परीक्षा में गड़बड़ी न होने की जिम्मेदारी कौन लेगा? वहीं महतो ने आंदोलन की आगे की रणनीति सामने रखते हुए कहा कि 14 परीक्षाओं को रद्द करने और छात्रों की प्रमुख मांगों को स्वीकार किए जाने के बाद पहले चरण की लड़ाई अपने मुकाम तक पहुंची है। इसके बाद उन्होंने भूख हड़ताल खत्म करने की घोषणा की, लेकिन साथ ही स्पष्ट किया कि आंदोलन जारी रहेगा।
‘असली मगरमच्छों को पकड़ना जरूरी’
देवेंद्र महतो ने कहा कि जुलाई में जब आंदोलन शुरू हुआ था, तब उद्देश्य केवल विरोध करना नहीं, बल्कि व्यवस्था में मौजूद बड़ी खामियों को सामने लाना था। उन्होंने कहा कि सरकार की कार्रवाई के बाद लगा कि ‘असली मगरमच्छों’ तक पहुंचना जरूरी है। उन्होंने संघर्ष में साथ देने वाले छात्रों और मुख्यमंत्री के साथ आंदोलनकारियों तक पानी, भोजन और तिरपाल पहुंचाने वालों का भी आभार जताया।
‘14 परीक्षाएं रद्द, आगे की गारंटी कौन देगा?’
महतो ने सरकार के सामने सबसे बड़ा सवाल दोहराते हुए कहा कि 14 परीक्षाएं रद्द हो गईं, लेकिन अब ये परीक्षाएं कब होंगी और दोबारा पेपर लीक नहीं होगा, इसकी गारंटी कौन देगा? उन्होंने कहा कि केवल मंत्रियों को बदलने से व्यवस्था नहीं बदलती। भर्ती परीक्षा प्रणाली में ऐसी व्यवस्था बनानी होगी, जिससे भविष्य में पेपर लीक की कोई गुंजाइश न रहे।
शिक्षा सुधार के लिए निगरानी समिति की मांग
छात्र नेता ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा को मुनाफे का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए। आंदोलन के दूसरे चरण में ऐसी निगरानी समिति बनाने की मांग होगी, जो भर्ती और परीक्षा प्रक्रिया के हर स्तर पर नजर रखे। महतो ने साफ कहा कि भूख हड़ताल खत्म हुई है, आंदोलन नहीं। पेपर लीक पर पक्की गारंटी और शिक्षा सुधार होने तक छात्रों की लड़ाई जारी रहेगी।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
