शेयर मार्केट में बिकवाली : आज खुलते ही औंधे मुंह गिरा बाजार, सेंसेक्स-निफ्टी ने लगाया गोता, टीसीएस-इंफोसिस समेत कई दिग्गज शेयर टूटे

नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार ने सोमवार को सप्ताह की शुरुआत भारी गिरावट के साथ की। पिछले सप्ताह की कमजोरी के बाद कारोबार खुलते ही बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ गया और दोनों प्रमुख सूचकांक लाल निशान में फिसल गए। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 300 अंक से अधिक टूट गया, जबकि निफ्टी भी 24,300 के नीचे खिसक गया। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और पश्चिम एशिया में जारी तनाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
खुलते ही बाजार में बढ़ी गिरावट
शुक्रवार को 78,009 अंक पर बंद हुआ सेंसेक्स सोमवार को कमजोरी के साथ खुला और शुरुआती कारोबार में 77,700 के आसपास पहुंच गया। वहीं, निफ्टी भी 24,366 के पिछले बंद स्तर से नीचे खुलकर 24,300 के आसपास कारोबार करता दिखाई दिया। शुरुआती कारोबार में बाजार के कई प्रमुख क्षेत्रों में बिकवाली देखने को मिली।
बाजार में लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में कमजोरी बनी रही। एक रिपोर्ट के मुताबिक सेंसेक्स 500 अंक से अधिक तक फिसला, जबकि निफ्टी 24,250 के नीचे चला गया।
सूचना-प्रौद्योगिकी कंपनियों पर सबसे ज्यादा दबाव
बाजार की गिरावट में सूचना-प्रौद्योगिकी कंपनियों के शेयर प्रमुख रूप से दबाव में रहे। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, इंफोसिस, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और टेक महिंद्रा जैसे बड़े शेयरों में कमजोरी ने बाजार की चाल को प्रभावित किया। हिंदुस्तान यूनिलीवर और भारतीय स्टेट बैंक जैसे प्रमुख शेयर भी शुरुआती कारोबार में दबाव में रहे।
पिछले सप्ताह भी बड़ी कंपनियों के शेयरों में कमजोरी देखने को मिली थी। शीर्ष दस मूल्यवान कंपनियों में से पांच के बाजार मूल्य में सामूहिक रूप से करीब एक लाख करोड़ रुपये की कमी आई, जिसमें टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ।
कच्चे तेल और पश्चिम एशिया के तनाव ने बढ़ाई चिंता
बाजार में गिरावट का सबसे बड़ा कारण कच्चे तेल की ऊंची कीमतों को माना जा रहा है। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण तेल की कीमतों में तेजी बनी हुई है और ब्रेंट कच्चा तेल करीब 89 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया। महंगा तेल भारत जैसे बड़े आयातक देश के लिए चिंता बढ़ाता है और इससे महंगाई तथा कंपनियों की लागत पर असर पड़ने की आशंका रहती है।
रुपये की कमजोरी ने भी बढ़ाया दबाव
डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल भी निवेशकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमत, पश्चिम एशिया की स्थिति, विदेशी निवेश और वैश्विक बाजारों के संकेत भारतीय शेयर बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। ऐसे में बाजार में फिलहाल उतार-चढ़ाव बने रहने की आशंका है।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
