11 हजार में गुजारा नहीं : नोएडा में श्रमिकों का उग्र प्रदर्शन, 20 हजार से कम में मानने को नहीं तैयार, औद्योगिक गतिविधियों पर पड़ा रहा असर

नोएडा। नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों में मंगलवार को भी प्राइवेट कंपनियों के कर्मचारी अपनी वेतन मांगों को लेकर सड़कों पर उतर आए। मजदूरों का कहना है कि वर्तमान वेतन में परिवार का खर्च चलाना बेहद मुश्किल हो गया है। उनका साफ कहना है कि न्यूनतम वेतन 20 हजार रुपये से कम स्वीकार नहीं होगा। 11 हजार में दम नहीं जैसे नारों के साथ कर्मचारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। फिलहाल प्रशासन और श्रम विभाग दोनों पक्षों के बीच बातचीत कर समाधान निकालने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला है।
पुलिस से झड़प, हल्का बल प्रयोग
प्रदर्शन के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई जब कुछ स्थानों पर प्रदर्शनकारियों की पुलिस से झड़प हो गई। हालात काबू में करने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग भी किया। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और शांति बनाए रखने की अपील कर रहा है।
सरकार ने बढ़ाई मजदूरी, फिर भी असंतोष
सोमवार रात राज्य सरकार ने न्यूनतम मजदूरी दरों में बढ़ोतरी की घोषणा की थी, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू होगी। अलग-अलग श्रेणियों में करीब 3000 रुपये तक की वृद्धि की गई है। हालांकि, कर्मचारियों का कहना है कि यह बढ़ोतरी पर्याप्त नहीं है और महंगाई के मुकाबले बहुत कम है।

फैक्ट्रियों में काम ठप, उत्पादन प्रभावित
प्रदर्शन का सीधा असर औद्योगिक गतिविधियों पर पड़ा है। कई फैक्ट्रियों में मजदूर काम पर नहीं पहुंचे, जिससे उत्पादन पूरी तरह ठप हो गया। इससे सप्लाई चेन पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
प्रबंधन और कर्मचारियों के बीच गतिरोध
फैक्ट्री प्रबंधन का कहना है कि अचानक इतनी बड़ी वेतन वृद्धि संभव नहीं है, क्योंकि इससे उत्पादन लागत बढ़ेगी। हालांकि, उन्होंने बातचीत के जरिए समाधान निकालने की बात कही है। दूसरी ओर, श्रमिक संगठन भी कर्मचारियों के समर्थन में खड़े हैं और उचित वेतन निर्धारण की मांग कर रहे हैं।

हिंसा के बाद सख्ती, 350 गिरफ्तार
सोमवार को हुए उग्र प्रदर्शन और हिंसा के मामले में अब तक 350 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। कई अन्य को हिरासत में लेकर पूछताछ जारी है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के जरिए अन्य आरोपियों की पहचान कर रही है।
टूटे वाहन और जले निशान, हालात अब भी तनावपूर्ण
नोएडा के सेक्टर 63 में हिंसा के निशान अब भी साफ दिखाई दे रहे हैं। जली हुई गाड़ियां, टूटे शीशे और क्षतिग्रस्त फैक्ट्रियां स्थिति की गंभीरता को दर्शा रही हैं। बताया जा रहा है कि सैकड़ों की भीड़ ने अचानक हमला कर तोड़फोड़ की थी।
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