OBC आरक्षण पर घमासान : विवेक तन्खा ने सुप्रीम कोर्ट में सरकार के रुख पर उठाए सवाल, और क्या कहा जानें

भोपाल। मध्यप्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को 27 फीसदी आरक्षण पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। कोर्ट के इस फैसले के बाद पक्ष-विपक्ष के बीच जुबानी हमले शुरू हो गए हैं। एक-दूसरे पर ठीकरा फोड़ रहे हैं। आरक्षण को लेकर जारी सियासी संग्राम के बीच कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने ओबीसी आरक्षण को लेकर सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि आरक्षण से जुड़े कानून या अध्यादेश का बचाव करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में इस मामले से दूरी बनाए रखने के सरकार के फैसले को उन्होंने समझ से परे भी बताया।
सरकार ही कानून का बचाव कर सकती है
विवेक तन्खा ने अपने ट्वीट में कहा कि ओबीसी आरक्षण मामले में राज्य सरकार मुख्य पक्षकार है। ऐसे में कानून का पक्ष मजबूती से रखना और उसका बचाव करना सरकार की जिम्मेदारी बनती है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकार खुद इस मामले में मुख्य पक्षकार है, तो सुप्रीम कोर्ट में दूरी बनाए रखने का निर्णय क्यों लिया गया? उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि मामले में कानूनी पक्ष रखने और कानून को डिफेंड करने के बीच सरकार की भूमिका अहम है।
हाईकोर्ट में सरकार ने की थी पैरवी
राज्यसभा सांसद ने अपने बयान में हाईकोर्ट में हुई सुनवाई का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस मामले में हाईकोर्ट में बहस सरकार ने की थी, भारतीय जनता पार्टी ने नहीं। उनके इस बयान के जरिए आरक्षण मामले में सरकार की कानूनी जिम्मेदारी और मौजूदा रुख को लेकर सवाल उठाया गया है।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
